तन्नु कुमारी ने बुढ़मू का नाम किया रोशन, बिना ट्यूशन के इंटर साइंस में लहराया परचम

JAC Inter Result: बुढ़मू की तन्नु कुमारी ने बिना ट्यूशन इंटर साइंस में 82.60 प्रतिशत अंक हासिल कर सफलता पाई. सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई से डाउट क्लियर कर यह मुकाम हासिल किया. फैशन डिजाइन में करियर बनाने का सपना रखने वाली तन्नु की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

बुढ़मू से कालीचरण की रिपोर्ट

JAC Inter Result: बुढ़मू से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है. प्रभात खबर से जुड़े काली चरण साहु की बेटी तन्नु कुमारी ने झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) इंटर साइंस परीक्षा में 82.60 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से घर-परिवार और आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है.

बिना ट्यूशन के हासिल की सफलता

तन्नु कुमारी की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी ट्यूशन के यह मुकाम हासिल किया. वह उर्सलाइन इंटर कॉलेज, रांची की छात्रा हैं. तन्नु ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी तरह सेल्फ-स्टडी के जरिए की. नियमित होमवर्क करना और पढ़ाई के प्रति अनुशासन बनाए रखना उनकी सफलता का मुख्य कारण रहा.

ऑनलाइन पढ़ाई से किया डाउट क्लियर

तन्नु ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्हें जब भी किसी विषय में कठिनाई होती थी, तो वह ऑनलाइन उपलब्ध निःशुल्क प्लेटफॉर्म्स और शिक्षकों की मदद से अपने डाउट्स क्लियर करती थीं. इसके साथ ही उन्होंने प्रभात खबर के ‘अवसर’ परिशिष्ट से भी मार्गदर्शन लिया, जिसने उन्हें सही दिशा में पढ़ाई करने में मदद की.

रचनात्मक क्षेत्र में बनाना चाहती हैं करियर

तन्नु कुमारी का रुझान शुरू से ही रचनात्मक कार्यों की ओर रहा है. उन्हें फैशन डिजाइन, मेहंदी और आर्ट्स में विशेष रुचि है. उन्होंने बताया कि आगे चलकर वह इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं और अपनी प्रतिभा को नए आयाम देना चाहती हैं.

परिवार को है बेटी पर गर्व

तन्नु की इस उपलब्धि से उनके पिता काली चरण साहु और पूरे परिवार को गर्व है. उन्होंने बताया कि तन्नु हमेशा से मेहनती और अनुशासित रही हैं. परिवार के सहयोग और उनकी लगन ने उन्हें इस सफलता तक पहुंचाया.

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युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

तन्नु कुमारी की सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो बिना कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. उनकी कहानी आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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