डकरा: कोयलांचल क्षेत्र में आयकर रिटर्न (आइटीआर) दाखिल कराने के नाम पर कथित तौर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि अधिक रिफंड का लालच देकर सीसीएल कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों समेत अन्य नौकरीपेशा लोगों के आईटीआर में गलत जानकारियां दर्ज की जा रही हैं. इसका लाभ शुरुआत में अधिक रिफंड के रूप में मिलता है, लेकिन बाद में आयकर विभाग की जांच में संबंधित लोगों को आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
पीड़ितों का आरोप है कि रिटर्न दाखिल करने के दौरान उनकी जानकारी के बिना विभिन्न छूट, भत्तों और हाउसिंग लोन जैसी जानकारियां दर्ज कर दी जाती हैं, जबकि उन्होंने ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करायी होती. तीन वर्ष बाद जब उनकी आय बढ़ने पर अलग श्रेणी में आईटीआर दाखिल करने की नौबत आती है, तब गड़बड़ी सामने आती है.
इसके बाद उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से रिटर्न में सुधार कराना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है. जानकारों के अनुसार, एक ही वेतनमान वाले दो कर्मचारियों के आईटीआर में अलग-अलग तरीके से फाइलिंग होने पर एक को कर देना पड़ा, जबकि दूसरे को एक लाख रुपये से अधिक का रिफंड मिला.
इसी तरह के मामलों के बाद अधिक रिफंड पाने वाले कई कर्मचारियों में चिंता बढ़ी है. कर विशेषज्ञों का कहना है कि आईटीआर में गलत जानकारी देना आयकर कानून के तहत गंभीर मामला है. जानबूझकर गलत विवरण देने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
उन्होंने लोगों से अधिक रिफंड के लालच में अनधिकृत व्यक्तियों से आईटीआर दाखिल नहीं कराने तथा केवल अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट या पंजीकृत टैक्स प्रोफेशनल की सेवाएं लेने की सलाह दी है. क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ लोग बड़ी संख्या में कर्मचारियों का आइटीआर दाखिल कर मोटा कमीशन वसूल रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी.
