रांची.
आजसू पार्टी के नेताओं ने मंगलवार को मुख्य सचिव अलका तिवारी व डीजीपी अनुराग गुप्ता से मिल कर पार्टी अध्यक्ष सुदेश महतो की हत्या की साजिश की जांच कराने की मांग की. दोनों अफसरों को ज्ञापन देकर मामले की जांच एनआइए से कराने की मांग की गयी. साथ ही उनकी सुरक्षा की नये सिरे से समीक्षा की जाये. नेताओं ने कहा कि इस बात का खुलासा होना चाहिए कि सुदेश महतो लगातार उग्रवादियों के निशाने पर क्यों हैं? मुख्य सचिव व डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि मामले की जांच करायी जायेगी. प्रतिनिधिमंडल में डॉ लंबोदर महतो, डॉ देवशरण भगत, प्रवीण प्रभाकर व हसन अंसारी शामिल थे.कई बार घटना को अंजाम देने का हुआ प्रयास
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने बताया कि पांच अगस्त को गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गये पीएलएफआई उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा ने भी सुदेश महतो को अपनी हिटलिस्ट में रखा था और हमले की फिराक में था. उसने 2023 में अनगड़ा थाना क्षेत्र में बैठक कर सुदेश महतो की हत्या की योजना बनाई थी, जिसका खुलासा पुलिस ने किया था. उग्रवादियों ने अपने सदस्य देव सिंह मुंडा को योजना के तहत आजसू पार्टी में शामिल भी करवाया था. हसन अंसारी ने कहा कि इससे पूर्व किसी राजनेता द्वारा सुदेश महतो की हत्या के लिए उग्रवादियों को पांच करोड़ की सुपारी देने की बात सामने आ चुकी है. इसका खुलासा हो कि इसके पीछे कौन हैं. वर्ष 2005 में सिल्ली से पोगड़ा जाने के रास्ते में केन बम लगाने की साजिश सामने आयी थी. इसके बाद भी कई बार घटना को अंजाम देने का प्रयास हुआ, लेकिन किसकी साजिश थी, यह सामने नहीं आ सका है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
