Ranchi news: एसिड अटैक के पीड़ितों के मामले में झालसा सदस्य सचिव को जांच करने का निर्देश

हाइकोर्ट ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का दिया निर्देश

रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने राजमहल में हुए तेजाब कांड के पीड़ित लोगों के मुआवजा में बढ़ोतरी, पुनर्वास व बेहतर इलाज को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी व राज्य सरकार का पक्ष सुना. इसके बाद अदालत ने मामले को झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के सदस्य सचिव को साैंपते हुए जांच करने का निर्देश दिया. अदालत ने झालसा के सदस्य सचिव को जांच कर दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने पक्ष रखा. अदालत को बताया कि वर्ष 2024 में अप्रैल माह में राजमहल में तेजाब कांड हुआ था, जिसमें कई लोग झुलस गये थे. घर भी जल गया था. सरकार से 11 लाख रुपया मुआवजा मिला है. मुआवजा बढ़ाया जाना चाहिए. पीड़ितों के परिवार का न कोई घर बचा है और रोजगार भी चल गया है. इलाज भी सही ढंग से नहीं हो पाया है. एक बच्ची की एक आंख खराब हो गयी है. एक नाबालिग है, उसकी पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए. सिर्फ 11 लाख रुपये देना सही नहीं है. परिवार का पुनर्वास, पीड़ित लोगों का बेहतर इलाज, जीविकोपार्जन के साधन के साथ-साथ मुआवजा राशि 25 लाख देने संबंधी आदेश देने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है कि तेजाब कांड के पीड़ित लोगों की ओर से याचिका दायर की गयी है. साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को तड़के एक बड़ी घटना हुई थी, छत पर सो रहे एक परिवार पर एसिड से हमला किया गया था, जिसमें परिवार के चार लोग झुलस गये थे.

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Published by: Deepesh kumar

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