Ranchi News : लाइक, शेयर और कमेंट के पीछे छिपा है काला सच

डिजिटल दौर में सोशल मीडिया संवाद, अभिव्यक्ति और करियर का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है.

शहर के इंफ्लूएंसर और क्रिएटर्स ने कहा ऑनलाइन स्पेस में भी महिलाओं का सम्मान जरूरी

रांची(क्रांति दीप). डिजिटल दौर में सोशल मीडिया संवाद, अभिव्यक्ति और करियर का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है. इस मंच ने हजारों युवाओं को पहचान दी, उनकी प्रतिभा को देश-दुनिया तक पहुंचाया. कई आंदोलनों को बल मिला, तो कई लोगों को यहां से न्याय भी मिला. इंफ्लूएंसर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में आज लाखों युवा करियर बना रहे हैं. लेकिन, सोशल मीडिया का एक काला सच भी है. हैरेसमेंट, ट्रोलिंग और साइबर बुलिंग. ये केवल सार्वजनिक हस्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं. इंफ्लूएंसर, कंटेंट क्रिएटर अपनी मेहनत और प्रतिभा से अपनी पहचान तो बना रहे हैं, लेकिन उन्हें नकारात्मक कमेंट और अश्लील मैसेज, गालियों आदि से भी जूझना पड़ता है. मानसिक रूप से काफी परेशान भी होते हैं. सोशल मीडिया हैरेसमेंट से कई बार आम लेागों को भी सामना करना पड़ता है.

सोशल मीडिया पर उत्पीड़न से बचाव के तरीके

::: उत्पीड़न से जुड़ी हर चीज का स्क्रीनशॉट लें, जैसे मैसेज, पोस्ट और प्रोफाइल. यह सबूत पुलिस या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए मददगार होगा.

::: उस व्यक्ति को तुरंत ब्लॉक करें और जिस भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह हो रहा है, वहां उसकी रिपोर्ट करें.

::: अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट कर सकते हैं, जिसमें आपकी जानकारी सिर्फ वही लोग देख सकें जिन्हें आप जानते हैं.

::: अगर उत्पीड़न गंभीर है, तो आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

::: इस तरह की स्थिति से निपटना मुश्किल हो सकता है. इसलिए, किसी दोस्त या परिवार के सदस्य से बात करें और जरूरत पड़ने पर किसी विशेषज्ञ से सलाह लें.

नकारात्मक और भद्दे कमेंट लिखकर करते हैं परेशान

रांची की एक फूड ब्लॉगर की तस्वीरों का इस्तेमाल कर डेटिंग एप पर फेक आइडी बनायी गयी और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गयीएक लोकप्रिय डांस क्रिएटर को वीडियो पोस्ट करने पर गंदे कमेंट और अश्लील मैसेज मिले.

पारंपरिक झारखंडी परिधान में फोटो पोस्ट करने पर एक महिला क्रिएटर को हेट कमेंट झेलने पड़े.

एक प्रसिद्ध कलाकार को मैसेज का जवाब न देने पर गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा.

कई कंटेंट क्रिएटर्स के वीडियो लेकर उनका मजाक उड़ाया गया और परिवार तक पर भद्दे कमेंट किये गये.

कई क्रिएटर्स ने कहा कि उनके पोस्ट या स्टोरी में अक्सर कुछ ऐसे लोग होते हैं, जो बिना कुछ सोचे-समझे अश्लील बात लिख देते हैं.

अश्लील मैसेज और बॉडी शेमिंग आम बात

सोशल मीडिया पर नकारात्मक कमेंट अब आम हो गये हैं. श्रेयशी सरकार, जिनके 15 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं, कहती हैं अक्सर अश्लील मैसेज और बॉडी शेमिंग की जाती है. कई बार फेक अकाउंट से परेशान किया जाता है. गंदे और अश्लील मैसेज भी आते हैं. यदि 40-50 कमेंट आ रहे हैं तो चार-पांच नकारात्मक कमेंट होते ही हैं. मैं ऐसे लोगों को ब्लॉक कर देती हूं ताकि नकारात्मकता से दूर रह सकूं. हालांकि सही तरीके से किया गया आलोचना अच्छा भी लगता है.

शुरुआत में मानसिक तनाव ज्यादा

सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीके से हरासमेंट किया जाता है. कई बार कमेंट में तो कई बार मैसेज पर गंदी बातें, गाली-गलौज लिखी जाती है. ऐसे में कई बार मानसिक तनाव भी हो जाता है. कई बार रील हटाने के लिए धमकी भी दी जाती है. शुरुआत में मानसिक तनाव ज्यादा होता है. लेकिन, अब उन्हें इग्नोर करते हैं. अपने काम पर फोकस करते हैं. जो लोग हमें पसंद करते हैं उन्हें रिप्लाई, लाइक करते हैं. जो हेट कमेंट करते हैं उन्हें इग्नोर करते हैं.

आयुषी सिंह, सोशल मीडिया पर 33 हजार फॉलोअर्स.

ऐसे-ऐसे मैसेज आते हैं कि बता नहीं सकती

कई बार वीडियो बनाने पर ट्रोल होती हूं. नकारात्मक कमेंट और मैसेज आते हैं. कई मैसेज तो ऐेसे आते हैं कि बता भी नहीं सकती. कई लोग बिना सोचे-समझे बॉडी शेमिंग कर देते हैं. इनसब चीजों से मानसिक तनाव भी होता है. निराशा होती है. अपने काम में फोकस नहीं कर पाते हैं. लेकिन, घर परिवार के लोग सपोर्ट करते हैं, प्रोत्साहित करते हैं. प्रोत्साहन मिलने के बाद ऐसी चीजों को इग्नोर कर पाते हैं.

अंजलि महतो, सोशल मीडिया पर एक मिलियन फाॅलोअर्स

मैसेज का रिप्लाई नहीं करने पर नकारात्मक कमेंट

कई बार सोशल मीडिया में हरासमेंट के शिकार होते हैं. लेकिन, अब धीरे-धीरे उनसे डील करना सीख गये हैं. कई लोग गंदा व अश्लील कमेंट व मैसेज करते हैं. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, उनके मैसेज का जवाब नहीं करने पर गंदी बात लिख जाते हैं. ऐसे लोगों को ब्लॉक कर देते हैं. इन सब चीजों की वजह से कई बार सेल्फ डाउट भी होता है. लेकिन, आसपास के लोग प्रोत्साहित करते हैं.

प्रिया वर्मा, सोशल मीडिया पर 41 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स

मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव

गंदे और अश्लील कमेंट किये जाते हैं. कई लोग कैरेक्टर पर बात कर जाते हैं. घरवालों को गलत बताने लगते हैं. मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कई बार मन में आता है कि काम छोड़ दें. निराशा होने लगती है. लेकिन, देास्त और परिवार वाले प्रोत्साहित भी करते हैं. ऐसे नकारात्मक लेागों को नजरअंदाज करने की सलाह देते हैं.

कृति, सोशल मीडिया पर 80 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स

कानूनी कार्रवाई का प्रावधान

सोशल मीडिया पर परेशान करने वाले को जानते हैं या आइडी पता है तो स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यदि किसी अनजान या फेक अकाउंट से ऐसा किया जा रहा है तो साइबर थाना में शिकायत कर सकते हैं. सोशल मीडिया हरासमेंट पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है. साथ ही जागरूकता भी महत्वपूर्ण है.

श्रीनिवास सिंह, डीएसपी, साइबर थाना प्रभारी

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