Illegal Cable Removal in Ranchi: रांची में बिजली विभाग की ओर से दो दिनों से लगातार बिजली के खंभों पर अवैध रूप से लगे केबल तारों को हटाने का काम किया जा रहा है. इससे राजधानी के बड़े इलाकों में इंटरनेट और फोन सेवाएं प्रभावित हुई हैं. विभिन्न केबल ऑपरेटरों की इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हो गयीं. इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बीएसएनएल और एयरटेल समेत अन्य निजी ऑपरेटरों के ग्राहक सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. जियो के ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. इसका असर यह हुआ कि कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में इंटरनेट पूरी तरह ठप हो गया.
मीडिया संस्थानों का कामकाज भी रहा बाधित
कोकर स्थित 70 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की इंटरनेट सेवा बुधवार दोपहर से ठप हो गयी और गुरुवार की शाम बहाल हो सकी. इससे कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित कई मीडिया संस्थानों के कामकाज प्रभावित हुए. वहीं, हरमू, कोकर, कांके रोड, मेन रोड, खेलगांव, कुसई चौक, करमटोली सहित अन्य इलाकों में एयरटेल की इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बाधित हैं. फाइबर व मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ कई जगहों पर अन्य दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित रहीं.
कई ऑनलाइन ऑर्डर कैंसिल करने पड़े
कोकर इंडस्ट्रीयल एरिया एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि बिजली विभाग ने केबल काट दिया, जिससे इंटरनेट सेवा प्रभावित हो गयी. कई ऑर्डर बुधवार को कैंसल करने पड़े. इस तरह इंटरनेट सेवा ठप होना कहीं से भी जायज नहीं ठहराया जा सकता. कोकर में 150 से अधिक उद्योग कार्यरत हैं. आधे से ज्यादा की इंटरनेट सेवा ठप हो गयी, जिन लोगों ने एसोसिएशन में शिकायत भी की थी.
जेबीवीएनएल का अपना टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 ठप
जेबीवीएनएल द्वारा ही केबल हटाया जा रहा है और दूसरी ओर जेबीवीएनएल भी इससे प्रभावित हुआ. जेबीवीएनएल का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पूरी तरह ठप हो गया. यह इंटरनेट के माध्यम से ही संचालित होता है. जेबीवीएनएल ने इसके लिए एक नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं से खेद प्रकट किया है और वैकल्पिक नंबर 9431135503, 9431135504 और 9031110121 पर कॉल करने का आग्रह किया है.
जेबीवीएनएल के जीएम मनमोहन कुमार से सीधी बात
Q किसके आदेश से केबल काटे गये?
जवाब : यह कार्रवाई हाइकोर्ट के सुओमोटो आदेश के बाद की जा रही है. बिना अनुमति के बेतरतीब झूलते टेलीकॉम केबल, ओएफसी और टीवी केबल को हटाया जा रहा है. कंपनियों को केबल और उपकरणों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करने के लिए दिया गया अंतिम मौका भी खत्म हो गया है. कई जगह दूरसंचार कंपनियों और स्थानीय केबल ऑपरेटरों ने बिना अनुमति बिजली पोल पर केबल खींच रखे हैं. कई स्थानों पर ये केबल निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई से नीचे हैं और सड़क के ऊपर झूल रहे हैं. इससे बड़ेवाहनों के केबल में फंसने, तार टूटने और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है. बारिश के मौसम में ऐसे केबल दुर्घटना का कारण बन सकते हैं. निगम ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की है.
Q कंपनियों का कहना है कि उनके पास अनुमति है?
जवाब : जिनके पास अनुमति है और सुरक्षा मानकों के अनुरूप निर्धारित ऊंचाई पर बिजली खंभे पर केबल लगाये गये हैं, उनके केबल नहीं काटे गये हैं. जून से ही लगातार इन्हें नोटिस भेजा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों के अनुरूप केबल को व्यवस्थित कर लें. ऐसा नहीं किया. पिछले सप्ताह भी सूचना दी गयी थी कि 16 अगस्त से बेतरतीब और अवैध रूप से बिजली खंभे पर लगाये गये केबल को हटाया जायेगा. हटाने में आने वाला खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूला जायेगा.
Q इंटरनेट सेवा ठप होने के लिए दोषी कौन?
जवाब : जाहिर है टेलीकॉम कंपनियां हैं. उन्होंने नोटिस को गंभीरता से क्यों नहीं लिया. हमने केबल को कहीं काटा नहीं, केवल नीचे गिरा दिया था ताकि इंटरनेट बाधित न हो. फिर भी टेलीकॉम कंपनियों ने लापरवाही की है. वे बिना अनुमति के ही बिजली खंभों का इस्तेमाल कर रहे हैं और तार को सड़क के नीचे झूलते हुए छोड़ देते हैं. जबकि इसके लिए निर्धारित मानक है.
दो दिनों में इन इलाकों में हटाये गये केबल
निगम के अनुसार कुसई चौक से 56 सेठ, जीवन लोक से लक्ष्मी नर्सिंग होम (हिनू रोड), कुम्हार टोली (हरमू रोड), श्रद्धानंद रोड, कांके रोड में हॉलिडे होम के पास, चांदनी चौक (तुपुदाना), सैनिक कॉलोनी (बूटी मोड़), कांके रोड में इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के पास, मेन रोड, कोचा टोली, खेलगांव रोड, डिस्टिलरी पुल से कोकर शिव मंदिर, करमटोली चौक से रामेश्वरम गली व जगन्नाथपुर थाना से शनि मंदिर तक कार्रवाई की गयी. गुरुवार को अशोकनगर, हरमू, मेन रोड, अरगोड़ा चौक, लालपुर, पुरुलिया रोड, कोकर, करमटोली चौक, सुजाता चौक, मोरहाबादी, कांटाटोली, ओल्ड विधानसभा, नामकुम, खेलगांव, बूटी मोड़ में अभियान चलाया गया.
