IIM रांची ने दुनिया भर में मचा दी धूम, QS बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में जगह बनाकर ग्लोबल लेवल पर बनाई पहचान

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची ने QS Business Master's Rankings 2027 में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. संस्थान को Masters in Management और MBA-BA दोनों श्रेणियों में वैश्विक स्तर पर 201+ बैंड में स्थान मिला है, साथ ही एशिया में क्रमशः 21वां और 16वां स्थान हासिल किया है.


IIM Ranchi Rankings 2027: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची ने प्रतिष्ठित QS Business Master's Rankings 2027 में जगह बनाकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत की है. संस्थान को Masters in Management कैटेगरी में वैश्विक स्तर पर 201+ बैंड में रखा गया है, जबकि एशिया में 21वां स्थान मिला है. वहीं Masters in Business Analytics (MBA-BA) कैटेगरी में भी IIM रांची को 201+ ग्लोबल बैंड में स्थान मिला है और एशिया में 16वीं रैंक हासिल हुई है. यह उपलब्धि संस्थान की प्रबंधन शिक्षा, अकादमिक गुणवत्ता और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है.

पांच प्रमुख मानकों पर होती है QS रैंकिंग

QS Business Master's Rankings दुनिया भर के प्रबंधन संस्थानों का मूल्यांकन पांच प्रमुख मानकों के आधार पर करती है. इनमें Employability (35 प्रतिशत), Alumni Outcomes (15 प्रतिशत), Value for Money (20 प्रतिशत), Thought Leadership (20 प्रतिशत) और Diversity (10 प्रतिशत) शामिल हैं. खास बात यह है कि रैंकिंग में कुल 50 प्रतिशत महत्व रोजगार क्षमता और पूर्व छात्रों की पेशेवर सफलता को दिया जाता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के करियर परिणामों को भी प्राथमिकता देता है.

रोजगार क्षमता और करियर पर विशेष फोकस

QS की रैंकिंग में Employability सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है. इसके तहत यह देखा जाता है कि किसी संस्थान के छात्र नौकरी के लिए कितने तैयार हैं और नियोक्ता उन्हें किस नजर से देखते हैं. यह पैमाना उद्योग जगत में संस्थान की स्वीकार्यता को भी दर्शाता है. वहीं Alumni Outcomes के तहत पूर्व छात्रों की पेशेवर उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और करियर ग्रोथ का मूल्यांकन किया जाता है. यह इस बात का संकेत होता है कि संस्थान से पढ़कर निकले छात्र लंबे समय में कितनी सफलता हासिल कर रहे हैं.

निवेश का बेहतर प्रतिफल भी बना मजबूत पक्ष

रैंकिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Value for Money भी है. इसमें यह आंका जाता है कि छात्र जिस फीस का भुगतान करते हैं, उसके मुकाबले उन्हें करियर और आय के रूप में कितना लाभ मिलता है. इसके अलावा Thought Leadership के तहत संस्थान के शोध, अकादमिक योगदान और प्रबंधन शिक्षा में उसके बौद्धिक प्रभाव का आकलन किया जाता है. वहीं Diversity में कक्षा और फैकल्टी में विविधता, समावेशिता और संतुलित प्रतिनिधित्व को महत्व दिया जाता है.

दोनों श्रेणियों में मिले उल्लेखनीय अंक

Masters in Management श्रेणी में IIM रांची ने Employability में 37.2, Alumni Outcomes में 20, Value for Money में 32.7, Thought Leadership में 32.5 और Diversity में 21.8 अंक प्राप्त किए. दूसरी ओर MBA-Business Analytics श्रेणी में संस्थान को Employability में 27.8, Alumni Outcomes में 20, Value for Money में 27.3, Thought Leadership में 31.1 और Diversity में 25 अंक मिले. ये स्कोर बताते हैं कि संस्थान पारंपरिक प्रबंधन शिक्षा के साथ-साथ डेटा आधारित आधुनिक प्रबंधन कार्यक्रमों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है.

AMBA मान्यता से और मजबूत हुई वैश्विक पहचान

IIM रांची की हालिया उपलब्धियों में Association of MBAs (AMBA) की प्रतिष्ठित मान्यता भी शामिल है. AMBA दुनिया की सबसे सम्मानित बिजनेस स्कूल मान्यताओं में से एक मानी जाती है और इसे प्रबंधन संस्थानों के लिए मिलने वाले प्रतिष्ठित "ट्रिपल क्राउन" मानकों में शामिल किया जाता है. इसके अलावा, QS World University Rankings की Executive MBA श्रेणी में भी IIM रांची पहले ही 201+ ग्लोबल बैंड में जगह बना चुका है. इस श्रेणी में संस्थान को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 33वां स्थान मिला था.

इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर के मनन अदेसरा ने कर दिया कमाल, ISSO नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड और सिल्वर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही संस्थान की साख

लगातार मिल रही वैश्विक रैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं यह संकेत देती हैं कि IIM रांची तेजी से अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर रहा है. संस्थान उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम, शोध और कौशल विकास पर जोर दे रहा है, जिससे छात्रों को बेहतर करियर अवसर मिल रहे हैं. QS Business Master's Rankings 2027 में मिली यह सफलता IIM रांची के लिए केवल एक रैंकिंग उपलब्धि नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में उसकी बढ़ती विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धी क्षमता का भी प्रमाण है.

इसे भी पढ़ें: माध्यमिक आचार्य परीक्षा: ‘User Does Not Exist’ शिकायत पर हाईकोर्ट सख्त, JSSC के IT विशेषज्ञ अगली सुनवाई में रहेंगे मौजूद

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >