Ranchi: आईआईएम रांची में नवनिर्मित सेंटर फॉर टीचिंग विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्घाटन नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव-2026 में हुआ. केंद्र का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया. इसका उद्देश्य शिक्षार्थियों और शिक्षकों के बीच एआई साक्षरता को बढ़ाना, प्राध्यापकों के शिक्षण पद्धति में एआई उपकरणों के समावेशन को सक्षम बनाना, एआई-समर्थित अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल का विकास करना और एआई के साथ प्रबंधन को समाहित करनेवाले पाठ्यक्रम व कार्यक्रमों को विकसित करना है.
इसमें संकाय कार्यशाला और एआई समर्थित केस व सिमुलेशन विकास को शामिल किया गया है. संस्थान में संचालित सभी डिग्री कार्यक्रमों में एआई पाठ्यक्रम का समावेश किया जा रहा है.
3 प्रमुख क्षेत्रों में काम करेगा केंद्र
आईआईएम रांची का यह एआई सेंटर मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर काम करेगा.
शिक्षण पद्धति में इनोवेशन : शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित होंगी और एआई आधारित केस स्टडी व सिमुलेशन विकसित किए जाएंगे.
पाठ्यक्रम विकास : संस्थान के सभी डिग्री प्रोग्राम्स में एआई से जुड़े विषय शामिल किए जा रहे हैं.
उद्योग सहभागिता : कार्यकारी शिक्षा, परामर्श सेवाओं और उद्योग से जुड़े लाइव प्रोजेक्ट्स में एआई का उपयोग किया जाएगा.
पहले से ही एआई कोर्स लागू कर चुका है आईआईएम रांची
आईआईएम रांची ने वर्ष 2025 में ही अपने पाठ्यक्रमों में एआई को शामिल कर लिया था. इसके तहत मिड-टर्म परीक्षाओं को एआई आधारित असाइनमेंट सिस्टम में बदला गया, जो काफी सफल रहा. इससे छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम हुआ और समस्या-समाधान व विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा मिला.
भविष्य के नेतृत्व तैयार करने की पहल
इस सेंटर का लक्ष्य देश में एआई सक्षम, नवाचार-उन्मुख और नैतिक रूप से जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करना है, ताकि भारत की एआई आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके.
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