इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स 2022: IHM रांची ने 27 मिनट में मड़ुआ के 135 व्यंजन बनाकर बनाया कीर्तिमान

आइएचएम के प्राचार्य डॉ भूपेश कुमार से कहा कि यूनाइटेड नेशन ने वर्ष 2023 को मिलेट्स (मोटे अनाज) का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है. ऐसे में राज्य के मड़ुआ को, जिन्हें लोगों ने गरीबों का खाना घोषित कर दिया है, को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल की गयी है.

आइएचएम रांची की ‘स्पेशल 26’ की टीम ने 27.10 मिनट (27:10:12 मिनट) में मड़ुआ के 135 डिश तैयार कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2022 में जगह बना ली. रिकॉर्ड कैलकुलेशन टीम से पहुंचे प्रकृत कुमार सिंह ने तय समय पर तैयार डिश की जांच कर संस्था को मेडल और प्रशस्ति पत्र भेंट किया. कहा कि शैक्षणिक संस्था इस तरह के रिकॉर्ड कायम करता है, तो विद्यार्थियों का भी हौसला बढ़ता है.

2023 को यूनाइटेड नेशन ने घोषित किया मिलेट्स ईयर

आइएचएम रांची के प्राचार्य डॉ भूपेश कुमार से कहा कि यूनाइटेड नेशन ने वर्ष 2023 को मिलेट्स (मोटे अनाज) का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है. ऐसे में राज्य के मड़ुआ को, जिन्हें लोगों ने गरीबों का खाना घोषित कर दिया है, को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल की गयी है. विशेषज्ञों की टीम के साथ चर्चा के बाद डिश और उसके फूड प्रेजेंटेशन को तय किया.

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अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाने की तैयारी

इसमें रेडिशन ब्लू के शेफ रमाचंद्र उरांव, शेफ आवेश और शेफ संतोष ने डिश के आइडिया को व्यावहारिक बनाने में मदद की. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से 30 मिनट का समय ज्यादा से ज्यादा डिश तैयार करने के लिए दिया गया था. आईएचएम की टीम ने तय समय के भीतर इंडियन, चाइनीज, कॉन्टिनेंटल डिश तैयार किया. आगे आइएचएम रांची की टीम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाने की तैयारी करेगी.

27 डिश में झारखंड का पारंपरिक टच

रिकॉर्ड के लिए तैयार किये गये 135 डिश में से 27 डिश झारखंड के पारंपरिक साग-सब्जी से तैयार किये गये थे. इससे जनजातीय व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश की गयी है. डॉ भूपेश ने बड़े होटल और कैटरर समूह को अपने डिश मेनू में मडुआ के डिश को शामिल करने की बात कही. इस अवसर पर बीएसएनएल के जीएम उमेश प्रसाद शाह, जेसीए के अध्यच अरुण कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष आलोक, पंकज चटर्जी समेत अन्य मौजूद थे.

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By Mithilesh jha

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