झारखंड में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट' पर काम शुरू, CM का कड़ा निर्देश, अनुपयोगी योजनाएं होंगी बंद

Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा की. बैठक में इनोवेटिव स्कीम का बजट 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने, 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट' लागू करने और कम खर्च वाले विभागों की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए गए. साथ ही राज्य के लिए 10 वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने पर चर्चा हुई.

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट

Hemant Soren, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में योजना एवं विकास विभाग में चल रहे कार्य प्रगति की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की बारीकी से समीक्षा की. सीएम ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया. उन्होंने विकास कार्यों में नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया.

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट’ पर फोकस

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इनोवेशन योजनाओं (इनोवेटिव स्कीम) को प्राथमिकता देने का कड़ा निर्देश दिया. इस पर विभागीय सचिव ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि इनोवेटिव स्कीम के तहत अब किसी भी परियोजना के लिए निर्धारित राशि को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, अधिकारियों ने सीएम को अवगत कराया कि राज्य में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट’ (One District, One Project) की अवधारणा के तहत प्रत्येक जिले के लिए विशेष योजना चयनित करने की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है.

कम उपयोगिता वाली योजनाएं होंगी बंद

बैठक में पिछले पांच वर्षों से संचालित हो रही योजनाओं के मूल्यांकन पर भी गंभीर चर्चा हुई. अधिकारियों ने सुझाव दिया कि जिन योजनाओं की उपयोगिता अब कम हो गयी है या जिनके क्रियान्वयन में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं, उनकी समीक्षा कर उनमें आवश्यक सुधार किया जाए या फिर उन्हें बंद करने पर विचार किया जाये. इसके अलावा, केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) की प्रभावी निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) गठित करने पर भी चर्चा की गयी.

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कम बजट खर्च करने वाले विभागों की होगी विशेष समीक्षा

वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए बजट खर्च की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया. बैठक में निर्णय लिया गया कि 75 प्रतिशत से कम खर्च वाले विभागों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाएगा, जबकि 60 प्रतिशत से कम राशि खर्च करने वाले विभागों की विशेष समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.

अगले 10 वर्षों के लिए बनेगा व्यापक विजन डॉक्यूमेंट

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अगले 10 वर्षों के लिए एक व्यापक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को भविष्य की जरूरतों और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए, ताकि राज्य को आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके.

बैठक में ये रहे मौजूद

इस उच्चस्तरीय बैठक में योजना एवं विकास मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव मुकेश कुमार, अपर सचिव विजया जाधव, अपर निदेशक-सह-अपर सचिव कृष्ण नंदन प्रसाद सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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Published by: Sameer Oraon

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