रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट
Hemant Soren, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड सचिवालय में उद्योग विभाग की कार्य प्रगति की व्यापक समीक्षा की. बैठक के दौरान उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाकर और बाधाओं को दूर कर युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं. बैठक में उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा विभागीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति पर व्यापक चर्चा की. साथ ही औद्योगिक विकास की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणाण देने वाले बनाएं.
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती: CM हेमंत
झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों के विकास से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. उन्होंने कहा कि औद्योगिक संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की जरूरत है, वहीं निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास भी हों. मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे.
बाजार आधारित उत्पाद तैयार हों
बैठक में सीएम हेमंत ने झारक्राफ्ट की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान कहा कि नये इनोवेशन पर खास ध्यान दें. वहीं बाजार आधारित उत्पाद तैयार किये जायें. युवा व नये युवा वर्ग को इससे जोड़ें. उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री को पर्यटन स्थलों से जोड़ें. उन्होंने झारखंड की कला एवं संस्कृति से जुड़े उत्पादों को आधुनिक स्वरूप में विकसित करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए.
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पारंपरिक शिल्पकारों को सशक्त बनायें
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माटी कला बोर्ड की गतिविधियों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्पकारों लौह-कर्म, काष्ठ-कर्म, कुंभकारी जैसे कार्यों को सशक्त बनायें. आधुनिक तकनीक और औद्योगिक उत्पादों के बढ़ते प्रभाव के कारण इनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. ऐसे में इन शिल्पकारों की कला, कौशल और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करते हुए उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ना जरूरी है. ऐसे में कारीगरों के लिए ट्रेनिंग, डिजाइन में सुधार व ब्रांडिंग पर ध्यान दें. इसके साथ ही इनके उत्पादों को झारक्राफ्ट से जोड़ें. बोर्ड कलाकारों की पहचान कर उनकी ट्रेनिंग सहित अन्य कार्य करे, ताकि उनके उत्पाद बेहतर हों और बाजार मिले. लकड़ी व मिट्टी के उत्पादों को विकसित करें.
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से विभागीय मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, झारक्राफ्ट के प्रबंध निदेशक गरिमा सिंह और निदेशक विशाल सागर और प्रीति रानी शामिल थे.
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