ओडिशा-छत्तीसगढ़ से बेहतर हुआ झारखंड का खनन राजस्व, CM हेमंत सोरेन ने की समीक्षा बैठक

Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में सामने आया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड का खनन राजस्व बेहतर है. सीएम ने सरकारी दफ्तरों में बायोमैट्रिक सिस्टम और पारदर्शिता पर जोर दिया.

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Hemant Soren, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में विभिन्न विभागों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के कामकाज और राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की. बैठक में वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया. इस दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड का खनन राजस्व (Mining Revenue) काफी बेहतर स्थिति में है. अधिकारियों ने बताया कि खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीति और प्रभावी निगरानी तंत्र के कारण राजस्व संग्रह में यह उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. सीएम ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए इसे और सुदृढ़ करने तथा अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने का निर्देश दिया.

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक और ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया. उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि सभी संबंधित सरकारी कार्यालयों और विभागों में उपस्थिति के साथ-साथ कार्यप्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी बायोमैट्रिक व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाए. इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) बनाकर लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया.

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा: कर चोरी पर रोक

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा के दौरान राज्य में टैक्स कलेक्शन की वर्तमान स्थिति, जीएसटी (GST) अनुपालन की प्रगति और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर गहन मंथन हुआ. बैठक में जीएसटी, वैट, प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली और प्रवर्तन (Enforcement) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन (Voluntary Compliance) को प्रोत्साहित करने और आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि करदाताओं को सुविधा हो और राज्य के राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके. इस उच्चस्तरीय बैठक में विभागीय मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव अमित कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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Published by: Sameer Oraon

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