रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट
Hemant Soren, रांची : झारखंड सरकार गरीबों को मिलने वाले राशन और अन्य कल्याणकारी सामग्रियों का बैकलॉग पूरी तरह खत्म करेगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इसको लेकर अपनी कवायद तेज कर दी है. विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए एकमुश्त सामग्रियों की खरीद कर बैकलॉग को समाप्त करने की योजना बनायी है. वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम (जेएसएफएसए) से जुड़े राज्य के करीब 68 लाख लाभुक परिवारों को समय पर चावल मिल रहा है और यह योजना पूरी तरह अपडेट है. जून माह के राशन का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है.
विभिन्न योजनाओं में बैकलॉग की स्थिति
- चीनी वितरण: झारखंड के 8.92 लाख अंत्योदय परिवारों को पिछले 18 महीनों से अनुदानित दर पर मिलने वाली चीनी नहीं मिल सकी है.
- दाल वितरण: सरकार की ओर से शुरू की गयी मुफ्त दाल वितरण योजना में नौ माह का बैकलॉग चल रहा है. वर्तमान में अगस्त व सितंबर 2025 की दाल बांटी जा रही है.
- किरासन तेल: इस योजना में तीन महीने का बैकलॉग है. फिलहाल जनवरी से मार्च तक के तेल का वितरण हो रहा है.
- नमक वितरण: नमक वितरण योजना में आठ महीने का बैकलॉग है, जिसके तहत फिलहाल जुलाई से सितंबर 2025 तक के नमक का वितरण चल रहा है.
- सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना: 10 रुपये में धोती/लुंगी व साड़ी देने की यह योजना छह महीने के बैकलॉग में है. अभी सितंबर 2025 के तहत वितरण किया जा रहा है.
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क्या कहते हैं जिम्मेदार मंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभागीय समीक्षा बैठक में बैकलॉग खत्म करने का सख्त निर्देश दिया था. इसके बाद विभाग ने टेंडर निकालकर एकमुश्त राशन व अन्य जरूरी सामग्रियों की खरीद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रक्रिया पूरी होते ही लाभुकों को उनका बकाया एकमुश्त राशन उपलब्ध करा दिया जायेगा.
डॉ इरफान अंसारी, खाद्य आपूर्ति मंत्री, झारखंड
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