सीएम हेमंत सोरेन से मिला सीआईआई झारखंड का प्रतिनिधिमंडल, औद्योगिक विकास पर हुई बात

Ranchi News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीआईआई झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं पर चर्चा की. बैठक में दावोस सम्मेलन, इंडस्ट्रियल पॉलिसी और झारखंड को निवेश के लिए बेहतर गंतव्य बनाने को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Ranchi News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. इस दौरान राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में मुख्यमंत्री और सीआईआई प्रतिनिधियों के बीच झारखंड में निवेश बढ़ाने, औद्योगिक नीतियों को मजबूत करने और राज्य को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया.

दावोस सम्मेलन में झारखंड की भागीदारी की सराहना

मुलाकात के दौरान सीआईआई प्रतिनिधियों ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की सक्रिय भागीदारी की सराहना की. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा और राज्य को मिले मजबूत निवेश प्रस्तावों के लिए शुभकामनाएं भी दीं. सीआईआई के सदस्यों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड की उपस्थिति से राज्य की नई पहचान बनी है और इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से झारखंड अब तेजी से उभरते निवेश केंद्र के रूप में देखा जा रहा है.

झारखंड असीम संभावनाओं वाला राज्य: हेमंत सोरेन

बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दावोस में आयोजित वैश्विक आर्थिक मंच के दौरान झारखंड ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, मानव संसाधन और औद्योगिक विकास की दृष्टि से बेहद समृद्ध राज्य है. सरकार राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए लगातार नई कार्य योजनाओं पर काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य रोजगार सृजन के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.

इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में सीआईआई प्रतिनिधियों ने राज्य की औद्योगिक नीति पर भी विस्तार से चर्चा की. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड को एक मजबूत इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लिए उद्योग जगत और सरकार के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. सीआईआई के सदस्यों ने राज्य सरकार के साथ मिलकर औद्योगिक विकास के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई. साथ ही उन्होंने नीति निर्माण प्रक्रिया में नॉलेज पार्टनर और इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहयोग देने का प्रस्ताव भी रखा. प्रतिनिधियों ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शी नीतियां और तेज प्रशासनिक प्रक्रिया निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं.

इसे भी पढ़ें: चतरा के प्रतापपुर में दहेज के लिए विवाहिता के साथ मारपीट का आरोप, थाने में शिकायत दर्ज

कई वरिष्ठ प्रतिनिधि रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष दिलू पारिख, टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष डीबी सुंदर रमन, सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर देव ज्योति और सीआईआई झारखंड हेड प्रभात कुमार शामिल थे. बैठक के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने राज्य में औद्योगिक माहौल को और बेहतर बनाने के लिए सरकार के साथ समन्वय बनाकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई. वहीं मुख्यमंत्री ने भी उद्योग जगत के सहयोग से झारखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की बात कही.

इसे भी पढ़ें: लातेहार में गैस और राशन वितरण में गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई, डीसी ने की समीक्षा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >