रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट
Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. सीएम ने विपक्ष को ‘परजीवी’ बताते हुए कहा कि उसका अपना कोई रस नहीं बचा है और अब वह छात्रों की आड़ में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने विपक्ष के हंगामे पर तंज कसते हुए कहा, ‘भैंस के सामने बीन बजाने से कोई फायदा नहीं है.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपना काम करती रहेगी.
छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का सदन में हंगामा
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्षी विधायक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मुखर हो गये. विपक्ष के विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब देने की मांग की. विपक्षी विधायकों का कहना था कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई गंभीर विषय है. उन्होंने सरकार से पूरे मामले में जवाब मांगा और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाये. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई.
‘छात्रों की आड़ में ताकत दिखा रहा विपक्ष’
विपक्ष के लगातार विरोध के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने विपक्ष की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसे ‘परजीवी’ करार दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का अपना कोई रस नहीं बचा है और अब वह छात्रों की आड़ लेकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है. सीएम ने विपक्ष के हंगामे को लेकर कहा कि इस तरह के विरोध से सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपना काम करती रहेगी. मुख्यमंत्री के बयान के बाद विधानसभा का राजनीतिक माहौल और गरमा गया. एक तरफ विपक्ष छात्रों के समर्थन में सरकार को घेरता रहा, वहीं मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विरोध को राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश करार दिया.
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हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
विधानसभा में जारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया. सदन की कार्यवाही पहले 12 अगस्त तक प्रस्तावित थी, लेकिन एक दिन पहले ही इसे समाप्त कर दिया गया. छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा ऐसे समय में विधानसभा में उठा है, जब जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच सहित विभिन्न मांगें उठायी जा रही हैं. विधानसभा में विपक्ष के हंगामे और मुख्यमंत्री के तीखे बयान के बाद अब छात्रों का आंदोलन राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है. सदन की कार्यवाही निर्धारित तारीख से पहले स्थगित होने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर टकराव आगे भी जारी रहने के संकेत हैं.
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