- कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देश
- समय पर खाद-बीज, तकनीकी सहायता और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर
- किसान समृद्धि योजना के तहत सौर सिंचाई पंप का दायरा बढ़ाने के निर्देश
सुनील चौधरी, रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि आधुनिक तकनीक आधारित खेती और किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मॉडल किसान पाठशाला स्थापित की जाये, ताकि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती और नई कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जा सके. इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी.
शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. इसलिए सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
समय पर खाद-बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित समय के भीतर खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराये जायें. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाये, ताकि खेती लाभकारी बने और किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो.
किसान समृद्धि योजना पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने किसान समृद्धि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंप उपलब्ध कराये जा रहे हैं, जिससे सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, खेती की लागत कम होगी और किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे. उन्होंने अधिक से अधिक किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिये.
कृषि से जुड़े सभी क्षेत्रों की हुई समीक्षा
बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गयी. इसमें किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास, आधुनिक कृषि तकनीक का विस्तार, पशुधन विकास, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, सहकारिता संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा कृषि आधारित आजीविका योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है.
