HEC में नहीं हो रही स्थायी नियुक्ति, निदेशक के पद पर भेल के अधिकारियों को मिल रहा अतिरिक्त प्रभार

हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि एचइसी के भविष्य को लेकर कर्मी परेशान है. एचइसी बंद होगा, विनिवेश होगा, मर्जर होगा या भेल का यूनिट बनेगा, इसको लेकर मंत्रालय को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए

भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा एचइसी में खाली हो रहे निदेशकों के पदों को भेल के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर भरा जा रहा है. वर्तमान में एचइसी के निदेशक वित्त भेल के राजेश द्विवेदी, निदेशक उत्पादन भेल से सकील मनोचा, निदेशक कार्मिक एके बेहरा को प्रभार दिया गया है. वहीं भेल के सीएमडी नलिन सिंघल भी एचइसी के सीएमडी पद पर अतिरिक्त प्रभार में हैं. एचइसी के निदेशक विपणन डॉ राणा एस चक्रवर्ती 17 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. निदेशक विपणन की नियुक्ति को लेकर भी भारी उद्योग मंत्रालय ने अभी तक कोई विज्ञापन जारी नहीं किया है.

हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि एचइसी के भविष्य को लेकर कर्मी परेशान है. एचइसी बंद होगा, विनिवेश होगा, मर्जर होगा या भेल का यूनिट बनेगा, इसको लेकर मंत्रालय को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. जिस तरह से मंत्रालय भेल के अधिकारियों को एचइसी के निदेशकों के पद पर अतिरिक्त प्रभार दे रहा है उससे प्रतीत हो रहा है कि एचइसी को भेल का ही एक यूनिट बना दिया जायेगा.

भेल के अधिकारियों की नियुक्ति से हो रही बचत

एचइसी में भेल के अधिकारियों को निदेशक के पद पर अतिरिक्त प्रभार देने की बात पर एक अधिकारी ने कहा कि भविष्य में क्या योजना है इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है. फिलहाल इससे एचइसी की देनदारी कम होगी. एचइसी में सीएमडी व तीन निदेशकों की नियुक्त करने पर प्रत्येक माह 12 से 15 लाख रुपये का बोझ बढ़ेगा. अभी निदेशकों का वेतन भुगतान भेल ही कर रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >