हजारीबाग हिंसा : मंत्री इरफान अंसारी ने RSS को घसीटा, संजय सेठ बोले- बांग्लादेशी छीन रहे झारखंड का अमन-चैन, देखें हिंसा का Video

Hazaribagh Violence: हजारीबाग हिंसा पर झारखंड के मंत्री ने आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है, तो केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से हिंसा की घटनाएं झारखंड में बढ़ रहीं हैं. जानें मंत्रियों ने क्या-क्या कहा.

Hazaribagh Violence: हजारीबाग के एक गांव में 2 समुदायों के बीच हिंसक झड़प के बाद झारखंड सरकार के मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा है कि असामाजिक तत्व, आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की मानसिकता और कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोग नफरत फैला रहे हैं. वहीं, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ और भाजपा के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने इसे दुखद घटना करार दिया है. रक्षा राज्यमंत्री ने कहा है कि घटना दुखद और निंदनीय है. जल्द से जल्द इलाके में शांति बहाल होनी चाहिए.

दोनों पक्षों के लोगों को जेल भेजा जायेगा – डॉ इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने हजारीबाग हिंसा पर कहा है कि उन्होंने एसपी से बात की है. उनसे कहा है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों से कड़ाई से निबटें. डॉ अंसारी ने कहा कि असामाजिक तत्वों के साथ-साथ आरएसएस की मानसकता वाले और कट्टरपंथी लोग नफरत फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में एक केस दर्ज किया जायेगा. दोनों पक्षों के लोगों को जेल भेजा जायेगा.

इचाक के डुमरौन गांव में पत्थरबाजी का वीडियो.

हजारीबाग हिंसा की घटना से भाजपा को होगा फायदा – स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि इस घटना के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह किया है, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा. डॉ अंसारी ने कहा, ‘उन्हें ऐसा लगता है कि वहां मुसलमान कमजोर हैं.’

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संजय सेठ बोले- घटना दुखद और निंदनीय

केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा है कि यह दुखद है और निंदनीय है. सरकार को दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा होती है. रामनवमी में, होली में, शिव बारात में हिंसा हो जाती है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘आज महाशवरात्रि है. वो कौन लोग हैं, जो शांति में खलल डालना चाहते हैं? देश में कहीं हिंसा नहीं होती. झारखंड में हिंसा होती है. क्यों?’

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‘डेमोग्राफी, कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये’

संजय सेठ ने कहा कि झारखंड में ऐसा होता है, क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठिये डेमोग्राफी के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां भी भाजपा और एनडीए की सरकारें हैं, बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान का अभियान चलाया जा रहा है. फिर वह चाहे दिल्ली हो, उत्तर प्रदेश हो, असम, मध्यप्रदेश हो या महाराष्ट्र.

इचाक प्रखंड के डुमरौन गांव में उपद्रवियों ने कई बाईक फूंके. फोटो : प्रभात खबर

झारखंड का अमन-चैन लूट रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये – केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने झारखंड सरकार से अपील की कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार को काम करना चाहिए. राज्य में होने वाले दंगों को रोका जाये. जो भी गड़बड़ियां हो रहीं हैं, उस पर अंकुश लगाया जाये. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिये राज्य का अमन-चैन लूट रहे हैं. कानून-व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं. ऐसे लोगों की पहचान की जाये और उन्हें भारत से बाहर निकाला जाये.

राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने घटना की निंदा की

राज्यसभा सांसद और झारखंड प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने हजारीबाग में हिंसा और पत्थरबाजी की घटना पर कहा, ‘यह दुखद घटना है. लोग घायल हुए हैं. हालांकि, घायलों की स्थिति स्थिर है. क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द कायम रहना चाहिए.’ दीपक प्रकाश ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति इस राज्य को बर्बाद कर रही है. हजारीबाग में लंबे समय से ऐसी घटनाएं हो रहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में राष्ट्रविरोधी तत्व हजारीबाग जिले में सक्रिय हैं.

उपद्रवियों ने गांव में आगजनी भी की.

इचाक के डुमरौन गांव में हुई पत्थरबाजी, मोटरसाइकिल जलाये

हजारीबाग जिले में इचाक प्रखंड के डुमरौन गांव में 2 समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गयी. दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई. इसमें कुछ लोगों को चोट लगी है. उपद्रवियों ने 3 मोटरसाइकिल को जला दिया. घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. तनाव को देखते हुए पुलिस पहुंची और मामले को किसी तरह से शांत कराया. क्षेत्र में अभी स्थित तनावपूर्वण लेकिन नियंत्रण में है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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