फर्जी दस्तावेज से जब्त रकम छुड़वाते थे गुजराती दंपती

आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने जांच एजेंसियों द्वारा की गयी नकदी पर फर्जी दस्तावेज के सहारे दावा पेश कर रकम छुड़वाने का धंधा करने वाले गुजराती दंपती का पर्दाफाश किया है.

रांची. आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने जांच एजेंसियों द्वारा की गयी नकदी पर फर्जी दस्तावेज के सहारे दावा पेश कर रकम छुड़वाने का धंधा करने वाले गुजराती दंपती का पर्दाफाश किया है. अहमदाबाद निवासी नीना शाह व उनके पति कमलेश रजनीकांत शाह जांच एजेंसियों से रकम छुड़वाने के बाद कमीशन काट कर असली मालिक को बाकी पैसा लौटा देते थे. यह खुलासा गिरिडीह जिले में हुई पांच करोड़ रुपये की लूटकांड की जांच के दौरान हुआ. 21 जून 2023 को गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र में क्रेटा कार से पांच करोड़ रुपये की लूट हुई थी. पुलिस ने इसमें से 4.01 करोड़ रुपये बरामद कर लिये थे. जब आयकर विभाग ने इस रकम को अपने खाते में जमा करने की पहल की तो नीना शाह ने अदालत में दावा किया कि यह रकम उनकी कंपनी मेसर्स मेकटेक की है. मामले की सुनवाई के दौरान आयकर विभाग ने शाह दंपती द्वारा पेश किये गये दस्तावेजों को फर्जी साबित किया. विभाग की छापेमारी और पूछताछ में भी यह उजागर हुआ कि शाह दंपती की कोई वास्तविक कारोबारी गतिविधि नहीं है, बल्कि वे नकदी को वैध ठहराने के लिए फर्जी कागजात तैयार कराते थे. जब्त रकम हासिल करने के बाद वह कमीशन काट कर असली मालिक को राशि लौटा देते थे. गिरिडीह के अपर सत्र न्यायाधीश हरिओम कुमार ने गत 22 अगस्त मामले में फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि पुलिस द्वारा जब्त 4.01 करोड़ रुपये मेसर्स मेकटेक के नहीं हैं. अदालत ने उक्त राशि आयकर विभाग के खाते में जमा कराने का आदेश दिया है.

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