झारखंड सरकार ने झारखंड उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2022 पर राज्यपाल रमेश बैस की आपत्तियों को खारिज कर दिया है. पूर्व में विधानसभा के पटल पर रखे गये विधेयक को बिना किसी संशोधन के सदन में पेश किया जायेगा. राज्यपाल की आपत्तियों पर उत्पाद विभाग द्वारा दिये गये जवाब पर संतुष्ट होते हुए बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर सहमति दी गयी. विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक फिर से पारित कराने के लिए पटल पर रखा जायेगा. मई 2022 से झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लि के माध्यम से शराब की खुदरा बिक्री हो रही है. इसके लिए उत्पाद विभाग ने नीति निर्धारित कर नयी व्यवस्था के तहत शराब का व्यापार शुरू किया है. नयी नीति के अनुरूप कानून में बदलाव के लिए विधानसभा ने झारखंड उत्पाद संशोधन विधेयक 2022 पारित की. इसे राज्यपाल को भेजा गया था. इस विधेयक पर राज्यपाल ने आठ बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए इसे सरकार को लौटा दिया था. सरकार का मानना है कि विधेयक पर की गयी आपत्तियों के अनुरूप किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है.
राज्यपाल की आपत्ति खारिज, बिना संशोधन सदन में पेश होगा उत्पाद बिल
राज्यपाल की आपत्तियों पर उत्पाद विभाग द्वारा दिये गये जवाब पर संतुष्ट होते हुए बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर सहमति दी गयी.

राज्यपाल की आपत्ति खारिज, बिना संशोधन सदन में पेश होगा उत्पाद बिल