रांची. राज्य के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कैंसर की रोकथाम के लिए अलग से बजट राशि आवंटित होगी. इसका नाम कैंसर कंट्रोल बजट होगा. इसकी घोषणा वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की. वह शनिवार को प्रभात खबर के हेल्थ कॉन्क्लेव : कैंसर अवेयरनेस स्पेशल कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. मौके पर उन्होंने कहा कि इस बजट की राशि उपकरणों की खरीदारी, दवाइयों और अस्पतालों में कैंसर जांच व उपचार की सुविधा बढ़ाने के लिए खर्च की जायेगी. उन्होंने राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य बजट को 5500 करोड़ से आगे बढ़ाने की बात कही. श्री किशोर ने कहा कि मैं इस मंच से यह भरोसा देता हूं कि राज्य का स्वास्थ्य बजट इस बार बढ़ने जा रहा है. इस बार कैंसर के लिए राज्य बजट में अलग से बजटीय राशि का प्रावधान होगा.
रिम्स-2 जैसा उन्नत संस्थान बनाने की जरूरत महसूस हो रही
श्री किशोर ने कहा कि आरएमसीएच को रिम्स में बदल दिया गया. इसका परिणाम यह हुआ कि आरएमसीएच की जितनी कमियां थीं, वह आज भी रिम्स में दिख रही हैं. आरएमसीएच को अलग कर रिम्स का निर्माण होना चाहिए था. झारखंड में वर्ष 2014 से 2019 के दौरान धड़ल्ले से करोड़ों की लागत से स्वास्थ्य भवनों का निर्माण तो हुआ, लेकिन उसमें स्वास्थ्य कर्मचारी की व्यवस्था पर कोई बात नहीं हुई. इस दौरान स्वास्थ्य भवनों के निर्माण पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये. इन्हीं वजहों से आज रिम्स-2 जैसा उन्नत संस्थान बनाने की जरूरत महसूस हो रही है. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य में रिम्स-2 का निर्माण जल्द पूरा होगा. कॉन्क्लेव में प्रभात खबर के प्रधान संपादक अंकित शुक्ला, कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता और वाइस प्रेसिडेंट विजय बहादुर मौजूद थे.
एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स-2 बना कर रहूंगा : डॉ इरफान
मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स-2 का विरोध समझ से परे है. सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सेवा देना चाहती है. मैं आज घोषणा करता हूं कि एशिया के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स – 2 को बनाकर रहूंगा. क्योंकि यह राज्य की एक जरूरत है. सरकार कैंसर में 25 लाख तक रुपये के इलाज का पैकेज दे रही है. हम मेडिको सिटी के निर्माण और उसमें अत्याधुनिक कैंसर हॉस्पिटल के निर्माण की ओर आगे बढ़ रहे हैं. यहां कैंसर की अन्य दवाइयां भी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी. मैंने कैंसर से बचाव के लिए ही तंबाकू उत्पादन पर राज्य में प्रतिबंध लगाया. कैंसर की दवाइयों को सस्ता करने के लिए केंद्र से आग्रह किया गया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर से पीड़ित मरीजों को अपनी ओर से मुफ्त में कीमोथेरेपी की दवा दिलाने का भरोसा दिया.
