रांची. हेमंत सरकार राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर करेगी. इसका फायदा राज्य के अंतिम व्यक्ति को मिलेगा. इसके लिए सुदूरवर्ती इलाकों के अस्पतालों में खाली पड़े 10,000 पदों को भरा जायेगा. उक्त बातें स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कही. उन्होंने बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से एनएचएम परिसर में अनुबंध आधारित नवनियुक्त 163 विशेष चिकित्सा पदाधिकारी और तकनीकी पदों पर स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिया. उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में बड़े बदलाव की बात कहते हुए कहा कि हेमंत सरकार के शासन में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जा रही हैं. इनमें कई विशेषज्ञ डॉक्टर्स शामिल हैं. विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के 56, चिकित्सा पदाधिकारी के 38, दंत चिकित्सक (डेंटल सर्जन) 11, ओटी टेक्नीशियन के 57 और विधि परामर्शी के एक पद पर नियुक्ति की गयी है. इस नियुक्ति की सबसे खास बात यह रही कि इनमें कई सेवानिवृत्त डॉक्टर भी हैं, जो ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए और मनचाही सैलरी और च्वाइस पोस्टिंग को सामने रखा. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि आप ऑन ड्यूटी बेहद संवेदनशील होकर काम करें. अपनी शर्तों और अपने वेतन को तय करते हुए मनचाही पोस्टिंग को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक प्रयोग है. हमें उम्मीद है कि जिस तरीके से हम लोगों ने प्रयास किया है, इस प्रक्रिया के तहत हम चिकित्सकों की कमी पूरा करने में जरूर सफल होंगे. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अबु इमरान ने कहा कि विभिन्न निदेशालयों के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं. गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तुलना में कहीं बेहतर हुई हैं. मातृ और शिशु मृत्यु दर के स्वास्थ्य सूचकांक में राष्ट्रीय औसत से झारखंड बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. कार्यक्रम में संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी, निदेशक औषधि ऋतु सहाय सहित अन्य वरीय चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद रहे.
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