Ranchi news : पैनम कोल माइंस के अवैध खनन मामले में सरकार को जवाब दायर करने के लिए दिया समय

मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 19 सितंबर की तिथि निर्धारित की.

-मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी

-मामला पैनम कोल माइंस के अवैध खनन मामले की सीबीआइ से जांच कराने का.

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने पैनम कोल माइंस के अवैध खनन मामले की सीबीआइ जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. इस दौरान प्रतिवादी राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद जवाब दायर करने के लिए समय देने के आग्रह को स्वीकार कर लिया. साथ ही पैनम कोल माइंस के अधिवक्ता के आग्रह पर शपथ पत्र के माध्यम से अपनी बात रखने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 19 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ को बताया गया है कि मामले में कार्रवाई चल रही है. जवाब दायर करने के लिए कुछ और समय देने का आग्रह किया गया. वहीं प्रतिवादी पैनम कोल माइंस की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पैरवी की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखने की बात कही, जिस पर खंडपीठ ने उन्हें शपथ पत्र के माध्यम से बताने को कहा, जबकि प्रार्थी अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने खंडपीठ को बताया कि प्रतिवादी कंपनी ने 99 करोड रुपये का अवैध खनन किया है. इस मामले की जांच सीबीआइ से करायी जानी चाहिए. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने जनहित याचिका दायर की है. इसमें उन्होंने कहा है कि वर्ष 2015 में पैनम कोल माइंस नाम की कंपनी को पाकुड़ व दुमका जिले में कोयला खनन का लीज मिला था, लेकिन उस पर यह आरोप है कि उसने लीज से अधिक कोयले का उत्खनन किया है. इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है. मामले में जांच भी की गयी है, लेकिन उस जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी है. राज्य सरकार ने अपने राजस्व की वसूली भी नहीं की है.

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By DEEPESH KUMAR

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