वरीय संवाददाता, रांची. सात मार्च को रांची के बरियातू में कोयला ट्रांसपोर्टर सह कारोबारी बिपिन मिश्रा पर हुई फायरिंग मामले में एटीएस व रांची पुलिस हर मुमकिन कोशिश कर रही है. लेकिन अभी तक फायरिंग करने वाले बदमाशों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि रांची सहित विभिन्न जेलों में बंद शातिर अपराधियों को फायरिंग में शामिल बदमाशों की तसवीर दिखाकर उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी एकत्र की जा रही है. कुछ बदमाशों को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की तैयारी है. डीजीएम हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जेपी कारा में बंद शातिरों से होगी पूछताछ : हजारीबाग/रांची. एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव हत्याकांड के खुलासे के लिए हजारीबाग पुलिस झारखंड व अन्य राज्यों के जेलों में बंद संगठित अपराधिक गिरोह के गुर्गों से पूछताछ करने की योजना बना रही है. हजारीबाग जेपी केंद्रीय कारा में बंद गैंगस्टर विकास तिवारी समेत अन्य अपराधियों से पुलिस पूछताछ करेगी. इसके लिये पुलिस ने कई टीमों का गठन किया है. हजारीबाग के अलावा लातेहार, चतरा और रामगढ़ के जेल में बंद गैंगस्टरों से पूछताछ के लिए भी टीम बनायी गयी है. छत्तीसगढ़ के रायपुर जेल मे बंद गैंगस्टर अमन साहू से भी इस संबंध में पुलिस पूछताछ के लिए रायपुर जायेगी. उधर, सोमवार को एटीएस की टीम घटनास्थल हजारीबाग बड़कागांव रोड स्थित फतहा चौक पहुंची. हत्या से जुड़े मामले की जानकारी के लिए आसपास के लोगाें से पूछताछ की. इसके पूर्व एटीएस की टीम एनटीपीसी के केरेडारी स्थित पांडु कार्यालय पहुंची. पांडु कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों से टीम ने घटना से संबंधित जानकारी ली. पुलिस के अनुसार, डीजीएम कुमार गौरव की हत्या क्यों की गयी है, इसका कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है.
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