Ranchi news : नकारात्मक उलझनों से मुक्ति का बड़ा पथप्रदर्शक है गीता : डॉ कश्यप

डीएसपीएमयू में गीता सप्ताह का समापन

डीएसपीएमयू में गीता सप्ताह का समापन रांची़ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के संस्कृत विभाग में आयोजित गीता सप्ताह का शुक्रवार को समापन हो गया. इस अवसर पर संस्कृत भारती के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ दीपचंद राम कश्यप ने कहा कि आज जब युवा नशा, अवसाद और विभिन्न प्रकार के नकारात्मक उलझनों से जूझ रहे हैं, तब गीता उनके लिए सबसे बड़ा पथ प्रदर्शक साबित होगी. भगवद्गीता में ज्ञान, भक्ति और कर्म योग का सुंदर मिश्रण है, जो मनुष्य के सभी मानसिक जैसे ज्ञानात्मक, भावात्मक, क्रियात्मक गुणों के अनुरूप है. मारवाड़ी कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ राहुल कुमार ने कहा कि भगवद्गीता आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन जीने, अच्छे कर्म करने और चरित्र को निखारने का शास्त्र है. विवि के रजिस्ट्रार सह संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने कहा कि अर्जुन के मोह और संशय को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया. यह ग्रंथ हर शंका का समाधान करता है. पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति का मार्ग दिखाता है. जो सद्गुणी जीवन और ईश्वरीय ज्ञान से संभव है. इस अवसर पर गीता वाचन प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. इनमेंं गौरव कुमार मिश्र, प्राची दुबे, प्रज्ञा भारती, सर्वोत्तम कुमारी, शिवम नारायण, मोनिका टोप्पो पुरस्कृत हुए. क्विज में प्रतिमा व समूह, चंदन व समूह, सुरेंद्र महतो व समूह पुरस्कृत हुए. संचालन डॉ जगदंबा प्रसाद तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ श्री मित्रा ने किया. आगंतुकों का स्वागत कुमारी जया ने किया. मनीषा बोदरा द्वारा गोपी गीत समूह नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी. इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार, सचिन कुमार, स्वास्तिक पांडेय, आशीष कुमार, प्रवीण कुमार आदि उपस्थित थे.

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Published by: Deepesh kumar

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