रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट
JPSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों को अब विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है. इसी क्रम में माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल से बातचीत में आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से जल्द संवाद शुरू करने और समाधान निकालने की अपील की.
छात्रों की आवाज पहले भी उठाता रहा हूं: विनोद सिंह
पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि छात्र लंबे समय से अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब वे विधानसभा के सदस्य थे, तब भी उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया था. उन्होंने कहा, "जेपीएससी में कथित धांधली का मुद्दा मैंने पहले भी विधानसभा में उठाया था. प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता."
14वीं जेपीएससी रद्द करने की मांग
विनोद सिंह ने कहा कि सरकार को 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और जांच में अनियमितताओं के संकेत मिल रहे हैं, तो सरकार को छात्रों के हित में सकारात्मक पहल करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हजारों युवा अपने भविष्य को लेकर सड़क पर बैठे हैं और कई छात्र लंबे समय से अनशन कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को उनकी भावनाओं और मांगों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए.
सरकार ने संवाद में देर की
पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार को छात्रों से बातचीत शुरू करने में कुछ देर जरूर हुई, लेकिन अब जबकि संवाद की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बनी है, तो इसे जल्द आगे बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी विवाद का सबसे बेहतर समाधान संवाद होता है. सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच शीघ्र वार्ता होनी चाहिए, ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान निकले और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो सके.
प्रतियोगी परीक्षाओं पर उठते रहे हैं सवाल
विनोद सिंह ने कहा कि अब यह किसी से छिपा नहीं है कि राज्य की कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने कहा कि जेपीएससी, सीजीएल, जेएसएससी समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई, लगातार हो रही गिरफ्तारियां और जांच का दायरा बढ़ने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार भी इन मामलों की जांच करा रही है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच की प्रक्रिया तेज और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हो सके.
सीबीआई जांच पर भी उठाए सवाल
छात्रों की ओर से सीबीआई जांच की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद सिंह ने कहा कि केवल जांच एजेंसी बदल देने से समस्या का समाधान नहीं हो जाता. उन्होंने कहा कि पहले जेपीएससी से जुड़े मामलों में भी सीबीआई जांच हुई थी, लेकिन उसकी क्लोजर रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आ सकी है. उन्होंने कहा कि ऐसे में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है. जरूरत इस बात की है कि जो भी एजेंसी जांच करे, वह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से अपनी जांच पूरी करे, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके.
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संवाद से निकलेगा समाधान
पूर्व विधायक ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र राज्य के भविष्य हैं और उनकी मांगों को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय संवेदनशीलता के साथ समझने की जरूरत है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्र प्रतिनिधियों के साथ जल्द सार्थक वार्ता कर समाधान का रास्ता निकाला जाए. उन्होंने कहा कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करती है और छात्रों की बात गंभीरता से सुनती है, तो आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान संभव है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम है और इसी रास्ते से छात्रों की आशंकाओं को दूर कर राज्य में भर्ती प्रक्रिया पर जनता का भरोसा दोबारा कायम किया जा सकता है.
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