तेतुलिया मौजा की जमीन में नहीं बनाया वन विभाग को पक्षकार, जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध

बोकारो के चास अंचल अंतर्गत तेतुलिया के खाता नंबर 59, प्लॉट नंबर 426 और 450 में 107.20 एकड़ भूमि को लेकर उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त ने राजस्व सचिव को पत्र लिखा है.

रांची. बोकारो के चास अंचल अंतर्गत तेतुलिया के खाता नंबर 59, प्लॉट नंबर 426 और 450 में 107.20 एकड़ भूमि को लेकर उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त ने राजस्व सचिव को पत्र लिखा है. कहा गया है कि बोकारो डीसी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि तेतुलिया के उक्त प्लॉट खतियान में गैरआबाद मालिक और किस्म-जंगल साल दर्ज है. यह भूमि जिला की प्रतिबंधित सूची में है और एनजीडीआरएस (राष्ट्रीय दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली) में लॉक है. बिहार सरकार के गजट में भी 85.75 एकड़ को सुरक्षित वन भूमि बताया गया है. आयुक्त ने कहा है कि इस मामले में वन विभाग या उसके किसी अधिकारी को पक्षकार नहीं बनाया गया, जिससे संशय की स्थिति बनी है. रिपोर्ट की प्रति मुख्य सचिव, वन सचिव और बोकारो डीसी को भी भेजी गयी है.

भूमि वापसी की सूचना के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई

आयुक्त ने कहा है कि बोकारो वन प्रमंडल (पहले धनबाद वन प्रमंडल) के 11 मौजा में 908.98 एकड़ वन भूमि निःशुल्क एसएसएल (अब बीएसएल) को परियोजना और टाउनशिप निर्माण के लिए 1962 में दी गयी थी. लेकिन पूरी भूमि का उपयोग नहीं होने पर बीएसएल ने तेतुलिया के खाता नंबर 59, प्लॉट नंबर 426 और 450 की वापसी की सूचना वन पदाधिकारी को दी थी. बावजूद इसके वन विभाग ने न तो भूमि ली, न ही उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की. यह जांच का विषय है.

बोकारो जिला प्रशासन की अनदेखी से इनकार नहीं

आयुक्त ने कहा है कि तेतुलिया की इस भूमि पर टिकैत रामेश्वर नारायण सिंह के नाम से बनी जमाबंदी 1984 या उससे पहले ही रद्द कर दी गयी थी. बाद में इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन के नाम से पंजी-2 में दर्ज फर्जी जमाबंदी को हटाया गया.

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