किसान एआइ तकनीक का उपयोग कर आधुनिक खेती करें

उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के कृषि संकाय और उन्नत भारत सेल के संयुक्त तत्वावधान में गोद लिये गये गांव चिलदाग में विस्तार व सीएसआर गतिविधि का आयोजन किया गया

अनगड़ा.

उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के कृषि संकाय और उन्नत भारत सेल के संयुक्त तत्वावधान में गोद लिये गये गांव चिलदाग में विस्तार व सीएसआर गतिविधि का आयोजन किया गया. उदघाटन कुलपति प्रो मधुलिका कौशिक, प्रतिकुलपति प्रो मिलिंद और रजिस्ट्रार डॉ शिव प्रताप वर्मा ने संयुक्त रूप से किया. आयोजन का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों के ज्ञान व कौशल को बढ़ाना तथा उन्हें टिकाऊ व पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ना था. विशेषज्ञों ने कृषि में ”आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” की भूमिका पर विशेष जोर दिया. इस दौरान ”प्लांटिक्स-द स्मार्ट क्रॉप असिस्टेंट” मोबाइल ऐप का लाइव प्रदर्शन किया गया. जिसके माध्यम से किसान फसल का फोटो अपलोड कर उसके रोगों और कीटों की पहचान कर सकते हैं. विशेषज्ञों ने ट्राइकोडर्मा (जैव उर्वरक) उत्पादन, कम लागत वाले भंडारण के लिए ”जीरो एनर्जी कूल चेंबर” तकनीक और विभिन्न जैविक खेती पद्धतियों की जानकारी दी. किसानों को आय बढ़ाने के लिए गोमूत्र आधारित होम गार्डनिंग अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया. कार्यक्रम का समन्वय प्रिया प्रियंका टुडू, डॉ बेला भगत, डॉ बिरेश्वर कुंडू, डॉ सुनील कुमार और सैकत मुखर्जी ने किया.

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