पिस्कानगड़ी.
केंद्रीय रेशम बोर्ड वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुक्रवार को नगड़ी स्थित केंद्रीय तसर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में चिंतन शिविर व वार्षिक कार्ययोजना बैठक हुई. चिंतन शिविर में देश के प्रमुख तसर अनुसंधान केंद्र मसूरी, गुवाहाटी, पम्पोर, बिलासपुर, बरहमपुर और बेंगलुरु स्थित संस्थानों ने अपने-अपने क्षेत्रों की चुनौतियों और उनसे निबटने की रणनीति पर प्रस्तुति दी. प्रमुख विषयों में उच्च गुणवत्ता वाले द्विप्रज रेशम की मांग और उत्पादन में अंतर, भारतीय रेशम की वैश्विक ब्रांडिंग की कमी, उप उत्पादों के सीमित उपयोग तथा बीज उत्पादन में निजी क्षेत्र की सीमित भागीदारी शामिल रहे. केंद्रीय रेशम बोर्ड की वार्षिक कार्ययोजना की बैठक में संस्थान के निदेशक डॉ एनबी चौधरी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए तसर रेशम उद्योग के विकास में केंद्रीय रेशम बोर्ड की भूमिका को रेखांकित किया. अध्यक्षता पी शिवकुमार, भारतीय वन सेवा केंद्रीय रेशम बोर्ड बेंगलुरु ने की. इसमें झारखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड राज्यों के रेशम निदेशालयों के प्रतिनधि शामिल हुए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
