रांची पॉलिटेक्निक के हॉस्टल में पासआउट छात्रों का कब्जा, खाली कराने के निर्देश बेअसर

रांची के राजकीय पॉलिटेक्निक हॉस्टल में पास आउट छात्रों के अवैध कब्जे से प्रथम वर्ष के छात्र परेशान, प्रशासन ने खाली करने का दिया सख्त निर्देश।

रांची. बहुबाजार स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक ब्यॉज कॉलेज के दो हॉस्टल में पासआउट विद्यार्थियों के रहने का मामला सामने आया है. कॉलेज प्रशासन की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने ऐसे सभी छात्रों को तत्काल हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया है. इसके बावजूद अब तक किसी छात्र ने हॉस्टल खाली नहीं किया है.

पासआउट छात्रों पर मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत

कुछ दिन पहले कॉलेज के थर्ड सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने पासआउट छात्रों पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कॉलेज प्रशासन से शिकायत की थी. इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दी. जिला प्रशासन की ओर से पासआउट छात्रों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया था.

छुट्टी के दिन हॉस्टल पहुंच गये प्रथम वर्ष के छात्र

इधर, सोमवार को कॉलेज में छुट्टी होने के बावजूद प्रथम वर्ष में नामांकित कई छात्र कॉलेज परिसर पहुंच गये. छात्रों का कहना था कि उन्हें सीनियर छात्रों ने हॉस्टल में रहने के लिए बुलाया है. हालांकि, कैंपस में मौजूद पुलिस ने उन्हें हॉस्टल में जाने से रोक दिया. इसके बाद मौके पर हंगामा होने लगा.

प्राचार्य ने समझाया, अलॉटमेंट के बाद ही मिलेगा प्रवेश

मामले की जानकारी मिलने पर प्राचार्य डॉ ए रहमान समेत अन्य शिक्षक कॉलेज पहुंचे. उन्होंने छात्रों को समझाया कि जब तक हॉस्टल का अलॉटमेंट नहीं हो जाता, तब तक किसी भी छात्र को हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी. इसके बाद छात्रों को वापस भेजा गया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार सिंह, वर्तमान में प्रभात खबर, रांची में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. वह 14 वर्षों (2005 से 2019) तक प्रभात खबर रांची में मुख्य संवाददाता रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 29 वर्षों का अनुभव है. लंबे पत्रकारिता जीवन में खोजी, विश्लेषणात्मक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित की हैं. प्रभात खबर द्वारा बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड भी दिया गया. इनकी विशेष पहचान झारखंड के उच्च शिक्षा तंत्र, विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नियुक्तियों व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए रही है. झारखंड लोक सेवा आयोग के गठन के बाद सिविल सेवा, व्याख्याता, इंजीनियर, जैसी नियुक्तियों में गड़बड़ी को उजागर किया.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >