Ranchi News : 75000 युवाओं को देनी थी नौकरी, आठ हजार को भी नहीं मिली
श्रम विभाग की बिरसा योजना
रांची. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ब्लॉक लेवल इंस्टीट्यूट फोर रूरल एक्विजिशन (बिरसा) की योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 75000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर नियोजन से जोड़ना था, लेकिन आठ हजार से कम को ही नौकरी से जोड़ा जा सका. जॉब ऑफर लेटर करीब 8500 को ही दिया गया था. योजना के तहत प्रशिक्षण देने का आंकड़ा भी कम रहा. इसका लक्ष्य भी पूरा नहीं किया जा सका. 75000 का स्किल डेवलप कर उन्हें नौकरी लायक बनाना था, लेकिन करीब 18000 का ही स्किल डेवलप हो सका. यह आंकड़ा भी काफी पीछे रहा. योजना का क्रियान्वयन बेहतर नहीं रहा पर विभाग ने प्रशिक्षित युवाओं को कई तरह से राहत पहुंचाने के लिए दूसरी योजनाएं चलायी. जिन्हें रोजगार नहीं मिला, उनके लिए भत्ता का प्रावधान लाया है. जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षित होकर दूसरे राज्यों में जाने वाले युवाओं के रहने के लिए सरकार की ओर से सुविधाएं दी गयी. इसके तहत उन्हें शुरू में एक माह रहने की व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी. माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर के तहत पुणे, बेंगलुरू, राजस्थान के नेमराना, हैदराबाद, चेन्नई, सूरत व नोयडा में यह व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी. भत्ता देने की भी थी व्यवस्था वहीं विभाग ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार प्रोत्साहन भत्ता देने की भी व्यवस्था की. जिन्हें रोजगार नहीं मिला, वैसे युवकों को प्रतिमाह 1000 रुपये व युवतियों, दिव्यांग आदि को 1500 रुपये अधिकतम देने का प्रावधान किया गया. यह अधिकतम एक वर्ष के लिए देने की व्यवस्था है.
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