रांची. कोकर के रहने वाले अपूर्व कुमार ने एक बड़ा फ़ैसला लिया. उन्होंने इंजीनियर की नौकरी छोड़ सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया. ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में योगदान दिया. पिछले हफ़्ते गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग सेंटर में उन्होंने अपना प्रशिक्षण पूरा किया.
सुरेंद्र नाथ सेंटेनरी स्कूल से 10वीं तक का सफर
अपूर्व ने कक्षा 10वीं तक की शिक्षा सुरेंद्र नाथ सेंटेनरी स्कूल से पूरी की है. 10वीं में 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाले अपूर्व ने इंटर की पढ़ाई जेवीएम श्यामली से पूरी की. इसके बाद बीआइटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.
ये भी पढ़ें: गणेश चतुर्थी को लेकर भक्तिमय हुआ झुमरीतिलैया, आकर्षक पंडालों में आज विराजेंगे गणपति बप्पा
सैमसंग में इंजीनियर से सेना अधिकारी तक का सफ़र
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सैमसंग कंपनी में इंजीनियर के रूप में की. हालांकि, उनके मन में शुरू से ही देश सेवा और भारतीय सेना में अधिकारी बनने की इच्छा थी. नौकरी के साथ उन्होंने सेना में अधिकारी बनने की तैयारी जारी रखी.
बाद में सेना में अधिकारी बनने के लिए आयोजित परीक्षा में सफल हुए और एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया. इस दौरान, उन्होंने शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को तैयार किया, हर चुनौती का डटकर सामना किया और अपनी सीमाओं को पार किया.
माता-पिता ने वर्दी पर लगाए ऑफिसर के स्टार
पासिंग आउट परेड के दौरान उनके माता-पिता ने उनकी वर्दी पर ऑफिसर के स्टार लगाए. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके माता-पिता को भी गौरव पदक से सम्मानित किया. उनके पिता सुनील कुमार साह सहकारिता विभाग में अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं.
सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया
अपूर्व अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और विद्यालय के शिक्षकों को देते हैं. उनकी उपलब्धि पर सुरेंद्र नाथ सेंटेनरी स्कूल ने उन्हें आमंत्रित कर सम्मानित भी किया.
ये भी पढ़ें: हिंदी दिवस पर मणिपाल इंटरनेशनल स्कूल में दिखा भाषा प्रेम, विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार
