हेमंत सोरेन से जुड़े जमीन घोटाला मामले में एक और गिरफ्तारी, ईडी ने मोहम्मद सद्दाम को किया अरेस्ट

झारखंड की राजधानी रांची में हेमंत सोरेन से जुड़े कथित जमीन घोटाला मामले में ईडी ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. उसका नाम सद्दाम है. जेल में बंद है.

Ranchi Land Scam|झारखंड में जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने एक और गिरफ्तारी की है. मामले के तार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी जुड़े हैं. इसी कथित जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गया था. जमीन हड़पने से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी की ओर से यह तीसरी गिरफ्तारी है.

हेमंत सोरेन के कब्जे वाली जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप

एक अधिकारी ने मंगलवार (9 अप्रैल) को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि ईडी ने हेमंत सोरेन से जुड़े जमीन घोटाला मामले में मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि हेमंत सोरेन के कब्जे वाली जमीन के दस्तावेजों की हेराफेरी मोहम्मद सद्दाम ने ही की थी.

रांची जमीन घोटाला मामले में ईडी ने की तीसरी गिरफ्तारी

अधिकारी ने बताया कि झारखंड की राजधानी रांची में हुए जमीन घोटाला मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है. अधिकारी ने यह भी बताया कि मोहम्मद सद्दाम एक अन्य जमीन घोटाला मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. अभी वह जेल में है. अब ईडी ने भी उसे गिरफ्तार कर लिया है.

31 जनवरी को हेमंत सोरेन को किया था गिरफ्तार

बता दें कि रांची में हुए लैंड स्कैम केस में ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार किया है. उन्हें 31 जनवरी को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. इसके पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से हेमंत सोरेन को बार-बार पूछताछ के लिए समन भेजा गया, लेकिन वह पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के कार्यालय नहीं पहुंचे.

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29 जनवरी को ED ने हेमंत सोरेन की तलाश में दिल्ली में मारे थे छापे

ईडी के अधिकारियों ने 29 जनवरी को उस वक्त दिल्ली में हेमंत सोरेन के सरकारी आवास के साथ-साथ शिबू सोरेन के आवास और झारखंड भवन में छापेमारी की थी, जब झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री कथित तौर पर देश की राजधानी में मौजूद थे. हालांकि, वह ईडी को कहीं नहीं मिले. 30 जनवरी को उन्होंने रांची में विधायकों एवं मंत्रियों के साथ बैठक की. ईडी को 31 जनवरी को पूछताछ करने के लिए कांके रोड स्थित सीएम आवास बुलाया.

गिरफ्तारी से पहले हेमंत सोरेन ने राज्यपाल को दे दिया था इस्तीफा

ईडी की टीम तय समय पर 31 जनवरी को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंची. यहां सात से आठ घंटे तक हेमंत सोरेन से पूछताछ चली. इस बीच हेमंत सोरेन ने एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया. विधायकों के नाम चिट्ठी लिखी और राजभवन जाकर मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद जब वह सीएम आवास लौटे, तो ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि जमीन घोटाला मामले में सीआई भानु प्रताप को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.

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सद्दाम पर है ‘फर्जी’ लैंड रिकॉर्ड रखने का आरोप

ज्ञात हो कि मोहम्मद सद्दाम पर रांची में 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित ‘फर्जी’ लैंड रिकॉर्ड रखने का आरोप है. ईडी का आरोप है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता हेमंत सोरेन ने यह जमीन अवैध रूप से हासिल की थी. हेमंत सोरेन फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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