रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट
Dr Irfan Ansari, रांची: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई मारपीट की घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक और बेहद निंदनीय बताया है. स्वास्थ्य मंत्री ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज व सुरक्षा के लिए झारखंड भेजें. उन्होंने आश्वस्त किया यहां हेमंत सोरेन की सरकार उनकी पूरी जिम्मेदारी उठाने को तैयार है.
राहुल के मार्गदर्शन और हेमंत के नेतृत्व में इलाज का ऑफर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा और चिकित्सा को लेकर झारखंड सरकार की ओर से हरसंभव मदद की पेशकश की है. उन्होंने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से विशेष आग्रह करता हूं कि अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता दी जाए. यदि वहां की परिस्थितियों में आवश्यकता महसूस हो, तो उन्हें तुरंत झारखंड भेजा जाए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा, उनके सम्मान और समुचित इलाज की पूरी व्यवस्था करने के लिए तरह तैयार है.”
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दबाव और भय के कारण नहीं मिला इलाज : स्वास्थ्य मंत्री
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद अभिषेक बनर्जी को वहां के भारी दबाव, भय और प्रतिकूल राजनीतिक माहौल के कारण समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई. अंसारी ने मांग की कि इस पूरे मामले और इलाज में हुई कोताही की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. उन्होंने दोटूक कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना बेहद स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा, सम्मान और उसके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता कतई स्वीकार्य नहीं किया जा सकता.
मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा पर साधा निशाना
मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष और विशेषकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि हार-जीत राजनीति का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन किसी के स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डालने वाली परिस्थितियां पैदा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है. उन्होंने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए कि लोकतंत्र केवल सत्ता पक्ष से नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के आपसी सम्मान से चलता है. स्वास्थ्य मंत्री ने इसके लिए अपनी सरकार का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि हमारी झारखंड सरकार ने हमेशा विपक्ष की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनके सभी लोकतांत्रिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया है. उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन किसी का स्वास्थ्य और मानवता की भावना किसी भी प्रकार की राजनीति से बहुत ऊपर होती है.
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