Political news : रैयतों की भूमि वापसी के लिए गठित होगा विस्थापन आयोग, बनेगी नियमावली

कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने विधानसभा के पटल पर गैर सरकारी संकल्प रखते हुए की मांग.

रांची.

कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने विधानसभा के पटल पर गैर सरकारी संंकल्प रखते हुए राज्य में विस्थापित रैयतों की भूमि वापस कराने के लिए आयोग गठित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि की प्रकृति तक बदल दी जा रही है. इसका जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने स्वीकार किया कि राज्य गठन के बाद भी लोग विस्थापन का दंश झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मामले को लेकर गंभीर है. जल्द ही संविधानिक क्षमता युक्त विस्थापन आयोग का गठन किया जायेगा. इसे कैबिनेट से भी पारित किया गया है. बहुत जल्द नियमावली गठित की जायेगी. वहीं, विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि बीआइटी के लिए अधिग्रहित जमीन पर संघर्ष हो रहा है. सरकार जमीन की प्रकृति जांचने का प्रयास नहीं कर रही है. बीआइटी की बाउंड्री के बाहर अतिरिक्त जमीन पर रैयतों को हल चलाने से रोका जा रहा है. श्री बिरुआ ने कहा कि बीआइटी की बाउंड्री के बाहर के मामले की जांच करा कर कार्रवाई की जायेगी.

आरटीइ की पात्रता में बदलाव पर होगा विचार

गैर सरकारी संकल्प पेश करते हुए विधायक अरूप चटर्जी ने राइट टू एजुकेशन के तहत मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने की पात्रता 72 हजार रुपये से कम होने को बढ़ा कर तीन लाख रुपये तक करने की मांग की. उन्होंने कहा कि गुजरात व पश्चिम बंगाल ने ऐसा कर मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों को सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया है. राज्य सरकार की तरफ से मंत्री सुदिव्य सोनू ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार दूसरे राज्यों में अपनायी जा रही प्रक्रिया का अध्ययन करायेगी. उसके आधार पर जनहित में उचित निर्णय लिया जायेगा. मंत्री ने यह भी कहा कि अगले तीन महीनों में व्यवस्था दुरुस्त की जायेगी.

पंचायत प्रतिनिधियों को मिल सकता है मानदेय

विधायक नागेंद्र महताे ने पिछले दो वर्षों से 15वें वित्त आयोग से राशि प्राप्त नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित होने का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं से वंचित कर दिया जाता है. उनको केरल की तर्ज पर मानदेय भी नहीं मिलता है. उन्होंने कहा कि 14 विभागों में अधिकार नहीं मिलने के कारण जनप्रतिनिधि निराश हो रहे हैं. जवाब देते हुए मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि मामला राज्य सरकार के संज्ञान में है. भारत सरकार से अभी राशि नहीं मिली है. वित्त आयोग द्वारा कर्णांकित राशि सितंबर में मिलने की उम्मीद है. उसके बाद राज्य सरकार जनहित में फैसला लेगी.

आबादी के अनुपात में खुलेगा डिग्री कॉलेज

विधायक निर्मल महतो ने बोकारो के पेटरवार व कसमार में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग की. इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रखंडों में एक-एक डिग्री कॉलेज खोलने पर विचार कर रही है. मामला अंतिम चरण में है. इसके लिए नीतियों में परिवर्तन पर मंथन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ी स्थल पर आबादी के अनुपात में सरकार डिग्री कॉलेज खोलने पर भी निर्णय करेगी.

ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग

विधायक अमित कुमार ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की. इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि राज्य सरकार भी ओबीसी को आरक्षण देने की पक्षधर है. लेकिन, मामला राज्यपाल के पाले में है. राज्य सरकार ने आरक्षण तय कर राज्यपाल को सौंप दिया है. उनकी अनुमति के बाद ही इसे लागू किया जा सकता है. विधायक ने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़े, तो पक्ष और विपक्ष को मिल कर राज्यपाल के पास चलना चाहिए.

विस्थापित परिवारों का आंकड़ा सार्वजनिक करे सरकार : जयराम

विधायक जयराम महताे ने खनन, कल-कारखानों की स्थापना, डैम-जलाशयों और बड़ी परियोजनाओं से हुए विस्थापित परिवारों का आंकड़ा और सरकार द्वारा उनके हित में उठाये गये कदमों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की. विस्थापन आयोग के गठन की स्थिति की जानकारी मांगी. मंत्री दीपक बिरुआ ने जवाब देते हुए कहा कि आयोग के गठन की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. शीघ्र विस्थापन आयोग गठित हो जायेगा.

नये प्रखंड गठन की तय होगी अर्हता

विधायक आलोक चौरसिया के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में नये प्रखंडों के निर्माण सृजन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है. पूर्व के संकल्प की जगह भौगोलिक, आबादी व पंचायतों की संख्या के अनुरूप नये प्रखंड गठन की अर्हता तय की जा रही है. इसके लिए अध्ययन चल रहा है. जल्द ही सरकार नतीजे पर पहुंचेगी.

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By Rajiv kumar

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