29 अक्टूबर को धरना में शामिल होंगे विस्थापित परिवार

करकट्टा रोहनिया टांड़ स्थित बिरसा नगर धमधमियां में शुक्रवार को रूढ़िगत ग्रामसभा आयोजित की गयी.

प्रतिनिधि, खलारी.

करकट्टा रोहनिया टांड़ स्थित बिरसा नगर धमधमियां में शुक्रवार को रूढ़िगत ग्रामसभा आयोजित की गयी. अध्यक्षता बहुरा मुंडा ने की. ग्रामसभा में 29 अक्तूबर 2025 को एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय डकरा के समक्ष प्रस्तावित एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में बिरसा नगर के विस्थापित परिवार भी शामिल होंगे. प्रदर्शन रूढ़िगत संयुक्त ग्रामसभा मंच के बैनर तले किया जायेगा. सभा में बताया गया कि विश्व बैंक संपोषित तत्कालीन केडीएच परियोजना के तहत वर्ष 1996-97 में रोहनिया टांड़ के 52 परिवारों को विस्थापित कर बिरसा नगर धमधमियां में पुनर्वासित किया गया था. उस समय सीसीएल द्वारा स्कूल भवन, दरी बुनाई भवन, सिलाई केंद्र, कुआं-तालाब, चिकित्सा भवन सहित कई विकासात्मक कार्य कराये गये थे. स्कूल शिक्षकों का वेतन भी सीसीएल की ओर से दिया जाता था. विस्थापितों ने बताया कि धरती आबा बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा भी सीसीएल ने स्थापित करायी थी. यहां हर वर्ष 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती समारोहपूर्वक मनायी जाती है. जिसमें महाप्रबंधक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर सहयोग राशि भी देते थे. लेकिन वर्ष 2023 से सीसीएल प्रबंधन सेे सहयोग राशि और सिविल कार्य बंद कर दिये जाने से विस्थापित परिवारों में गहरा असंतोष है. ग्रामीणों ने कहा कि मरम्मत के अभाव में सभी भवन जर्जर हो चुके हैं. बिजली पोल सड़ चुके हैं. स्ट्रीट लाइटें खराब हैं. करमा, दशहरा, दीपावली जैसे त्योहार भी अंधेरे में बीत रहे हैं. क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत है. ग्रामसभा ने सीसीएल की सीएसआर और डीएमएफटी निधि का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर विस्थापित परिवारों के विकास कार्यों में करने की मांग की. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान सीसीएल अधिकारियों ने कभी यह नहीं बताया था कि नौकरी या मुआवजा मिलने के बाद भूमि कंपनी के नाम दर्ज हो जायेगी. उन्होंने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि भूमि नामांतरण के विरोध में वे राष्ट्रपति, राज्यपाल, भारत सरकार, राज्य सरकार व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक अपनी बात रखेंगे. सभा में मनकू मुंडा, राजू मुंडा, विजय मुंडा, मेधू मुंडा, विनोद मुंडा, सिकंदर मुंडा, मुन्ना राम, रामलगन मुंडा, गोविंद मुंडा, नरेश मुंडा, विक्की मुंडा, संजय राम, झलकू मुंडा, अमन मुंडा, दीपक भोगता, धर्मवीर मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

विश्व बैंक की पहल पर पुनर्वासित किये गये थे 52 परिवार, सीसीएल की उपेक्षा से आक्रोश

24 खलारी 05, रूढ़िगत ग्रामसभा में शामिल बिरसा नगर धमधमियां के विस्थापित परिवार.

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Author: DINESH PANDEY

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