रांची में नए आपराधिक कानून को लेकर चर्चा, जज कॉलोनी में गहन मंथन

देश में 1 जून से लागू होने वाले नए आपराधिक कानूनों को लेकर रांची के जज कॉलोनी में गहन चर्चा हुई.

रांची : झारखण्ड न्यायिक एकादेमी के दिशा-निर्देश तथा माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची श्री दिवाकर पांडे के मार्गदर्शन में मल्टी पर्पस हॉल, जज कॉलोनी, कांके रोड रांची में नये आपराधिक कानून जो कि 1 जूलाई, 2024 से लागू होनेवाले है, उस पर माननीय न्यायायुक्त श्री दिवाकर पांडे की अध्यक्षता में बैठक कर आपराधिक कानून पर गहन चर्चा की गयी.

न्याय पदाधिकारियों ने साझा की जानकारी

इसके लिए सभी न्यायिक पदाधिकारियों को 10 अलग-अलग समूह में बांटा गया और सभी को नये कानून से संबंधित एक-एक खण्ड दिया गया था, जिस पर न्यायिक पदाधिकारियों ने गहण मंथन किया और उक्त विषय पर अपना-अपना मंतव्य देकर जानकारी एक-दूसरे से साझा किया. इसके अलावा दो महत्वपूर्ण सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों पर गहण चर्चा की गयी, जिनमें टरसेम लाल बनाम डायरेक्टोरेट इंफोरर्समेंट, जलंधर जोनल ऑफिसर एवं बाबू साहेबागौड़ा बनाम स्टैट ऑफ कर्नाटका है.

बेल से संबंधित प्रावधानों पर हुई चर्चा

अभियुक्तों के कोर्ट में बेल एवं उनकी उपस्थिति से संबंधित प्रावधानों पर चर्चा की गयी. इस अवसर पर माननीय न्यायायुक्त ने भी नये आपराधिक कानून के बदले हुए प्रवधानों के बारे में विस्तार से जानकारी न्यायिक पदाधिकारियों के बीच साझा की. इस अवसर पर सभी मानननीय न्यायिक पदाधिकारियों के साथ-साथ विधि के छात्र-छात्राएं, न्यायालयकर्मी आदि उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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