कृमि मुक्ति अभियान शुरू, 8.61 लाख बच्चों को मिलेगी नि:शुल्क दवा

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय रांची में सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने की.

रांची. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय रांची में सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने की. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कृमि संक्रमण का प्रतिशत कम करना और एनीमिया की रोकथाम करना है. खाली पेट यह गोली किसी भी बच्चे को नहीं दी जायेगी. साथ ही वैसे बच्चे और किशोर-किशोरी जिन्हें बुखार या अन्य बीमारी है, उन्हें अल्बेंडाजोल की गोली नहीं दी जायेगी. मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि बच्चों में कृमि संक्रमण से जहां एक ओर उनका शारीरिक व बौद्धिक विकास बाधित होता है, वहीं दूसरी ओर उनके पोषण और हीमोग्लोबिन स्तर पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है. इसलिए सभी बच्चों और किशोरों को यह दवा लेनी चाहिए. कृमि यानी पेट के कीड़े की दवा खिलाने से कई फायदे होते हैं. इनमें एनीमिया में कमी, पोषण स्तर में वृद्धि, बच्चों में शारीरिक वृद्धि के साथ ही वजन बढ़ना, शारीरिक और मानसिक विकास में वृद्धि तथा रोग प्रतिरोधी क्षमता में सुधार शामिल है. कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सेलिना बाड़ा, शिक्षिका गीता संतोष, सीएस ऑफिस से आरपी बरनवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रीति चौधरी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 19 सितंबर तक रांची जिला के सभी 19 वर्ष तक के 8,61,803 बच्चों और किशोरों को अल्बेंडाजोल नि:शुल्क खिलाये जाने का लक्ष्य है. स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में यह दवा दी जायेगी. दवा का उपयोग हमेशा भोजन के साथ करना है. यह दवा आंगनबाड़ी वर्कर्स, विद्यालयों में शिक्षक एवं स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्यकर्मी के माध्यम से सभी योग्य लाभुकों को दी जायेगी. एक से दो वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली पानी के साथ चूर कर तथा दो से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोर-किशोरियों को एक गोली चूर करके पानी के साथ दी जायेगी.

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Published by: Praveen

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