रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट
Deepika Pandey Singh, रांची : ग्रामीण सड़कों का काम लेकर समय पर पूरा न करने और वर्षों तक फाइलों और जमीन पर काम लटकाने वाले ठेकेदारों की अब खैर नहीं है. ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. ठेकेदारों की इस लापरवाही का सीधा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है, जिन्हें जर्जर सड़कों के कारण आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विभागीय निर्देशों और समय सीमा (Deadline) की लगातार अवहेलना किए जाने पर मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है.
लापरवाह ठेकेदारों की बनेगी सूची
मंत्री के निर्देश के बाद अब काम लटकाने वाले ठेकेदारों को चिह्नित (Identify) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके तहत विभाग को निम्नलिखित कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं.
- ठेकेदारों को आवंटित किए गए कार्यों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि किसका काम कितने समय से पेंडिंग है.
- जिन ठेकेदारों की ट्रैक रिकॉर्ड ही काम को टालने की रही है, उनके खिलाफ एक अलग से स्पेशल रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
- इस रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह ठेकेदारों से विभाग स्पष्टीकरण पूछेगा कि आखिर तय समय सीमा में काम पूरा क्यों नहीं किया गया.
इंजीनियरों को टास्क: जवाब सही नहीं मिला तो होंगे ‘डिबार’
मंत्री दीपिका पांडेय ने ग्रामीण कार्य प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंताओं (Executive Engineers) को इस संबंध में सख्त टास्क सौंप दिया है. स्पष्टीकरण की प्रक्रिया के बाद ठेकेदारों द्वारा दिए गए जवाब की बारीकी से समीक्षा की जाएगी. यदि समीक्षा के दौरान काम लटकाने का कोई ठोस और उचित कारण नहीं मिला और ठेकेदार दोषी पाए गए, तो उन्हें सीधे ‘डिबार’ (Debar/ब्लैकलिस्ट) कर दिया जाएगा. डिबार होने के बाद ये ठेकेदार भविष्य में विभाग की किसी भी नई टेंडर (Tender) प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.
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