BAU ऑडिटोरियम निर्माण को लेकर दिखा राज्यपाल और कृषि मंत्री का अलग नजरिया, जानें दोनों ने क्या कहा

कृषि मंत्री का कहना था कि ऑडिटोरियम नहीं होने से बड़ा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाता है. मंत्री बादल ने अपने भाषण के दौरान कहा कि मैंने बड़े ऑडिटोरियम निर्माण पर अपनी सहमति दे दी है.

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय(बीएयू) के 43वें स्थापना दिवस समारोह में संस्थान में प्रस्तावित बड़े ऑडिटोरियम निर्माण को लेकर मुख्य अतिथि राज्यपाल और विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री ने अलग-अलग प्राथमिकताएं बतायीं. सोमवार को संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ ओंकारनाथ सिंह ने मंत्री को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि संस्थान में एक बड़े ऑडिटोरियम के निर्माण की सहमति मिल गयी है. इसका जल्द निर्माण होगा.

उनका कहना था कि ऑडिटोरियम नहीं होने से बड़ा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाता है. मंत्री बादल ने अपने भाषण के दौरान कहा कि मैंने बड़े ऑडिटोरियम निर्माण पर अपनी सहमति दे दी है. यह संस्थान की पुरानी मांग थी. जिसे मैंने पूरा किया है.

रांची में कई बड़े हॉल, मैं मंत्री रहता तो नहीं देता : राज्यपाल

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन के बोलने का मौका आया, तो उन्होंने कहा कि अगर मैं इस राज्य का कृषि मंत्री होता, तो विश्वविद्यालय को ऑडिटोरियम निर्माण की अनुमति नहीं देता. उन्होंने तर्क दिया कि राजधानी में कई बड़े-बड़े हॉल हैं. जहां इस तरह के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है. विश्वविद्यालय को विद्यार्थी कल्याण, अनुसंधान और पढ़ाई के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है.

कैसे ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचें, यह प्राथमिकता होनी चाहिए. संस्थान की प्राथमिकता अलग है. मैं विकास विरोधी नहीं हूं. पर सबकी अलग-अलग प्राथमिकता होती है. राज्य में कृषि से संबद्ध कई संस्थान हैं. इनको आपस में मिल कर काम करने की जरूरत है. बीएयू ने हाल के दिनों में अच्छे काम किये हैं. कई वेराइटी रिलीज हुई है. इसको किसानों तक पहुंचायें. संस्थान को सेंटर फॉर ग्लोरी बनायें.

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By Prabhat khabar news desk

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