रांची.
भाजपा के प्रदेश महामंत्री व सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने कहा कि झामुमो सस्ती लोकप्रियता के लिए अपनी पीठ खुद थपथपाने में लगा है. झामुमो विस्थापन आयोग और साहित्य कला अकादमी के नाम पर हेमंत सरकार की प्रशंसा करने में जुटा है, लेकिन इस सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा व बहन-बेटियों की इज्जत बड़ा मुद्दा नहीं है. इसीलिए पिछले छह वर्षों से सत्ता में रहा झामुमो अब तक महिला आयोग गठित करने के लिए सरकार को बाध्य नहीं कर सका. ऐसे भी इंडिया गठबंधन में महिलाओं के प्रति क्या नजरिया है, यह राज्य की जनता से छुपा हुआ नहीं है.हेमंत सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति करने से भाग रही है
उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के रोज नये मामले उजागर हो रहे हैं. लेकिन, सरकार पर कानून का शिकंजा कसे नहीं, इसलिए हेमंत सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति करने से भाग रही है. बार-बार की बहानेबाजी के बीच हाइकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद भी राज्य में सूचना आयुक्तों के पद नहीं भरे गये. इससे साफ है कि हेमंत सरकार अपनी नाकामियों को सूचना अधिकार के माध्यम से उजागर होने देना नहीं चाहती है. एक तरफ हेमंत सरकार विस्थापन आयोग के गठन की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रिम्स-2 के नाम पर नगड़ी के खेतिहर रैयतों को उजाड़ने के लिए अड़े हुए हैं. झारखंड में विस्थापन के लिए पूरी तरह जिम्मेवार कांग्रेस पार्टी है. पिछले 60 वर्षों के कांग्रेस शासन में राज्य के लाखों लोग बेघर हुए. अपनी जमीन से विस्थापित हुए, लेकिन आज इसी कांग्रेस के साथ सत्ता की मलाई खाने वाला झामुमो विस्थापन आयोग की बात कर रहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
