ईडी के छापे पर बोली कांग्रेस- I.N.D.I.A. गठबंधन की छवि खराब करने के लिए ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की कार्रवाई

झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के आवास पर हुई ईडी की कार्रवाई को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने केंद्र सरकार के बदले की राजनीतिक कार्रवाई करार दिया है. कहा है कि मोदी सरकार आईएनडीआईए की छवि खराब करने के लिए लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ऐसी कार्रवाई कर रही है.

झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव के घर छापेमारी पर प्रदेश कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि झारखंड के एक मंत्री के बेटे और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की छवि खराब करने के इरादे से केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की शह पर की गई ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की कार्रवाई है.

झारखंड सरकार में शामिल है कांग्रेस पार्टी

कांग्रेस झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन की घटक है. राज्य में कथित शराब घोटाले से संबंधित धन शोधन की जांच के तहत ईडी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव के ठिकानों पर छापेमारी की. इस पर कांग्रेस पार्टी ने सख्त ऐतराज जताया है.

झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दी तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि ईडी की छापेमारी केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की शह पर की गई राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है, क्योंकि वह (बीजेपी) 2024 के संसदीय चुनाव से पहले I.N.D.I.A. गठबंधन की छवि खराब करना चाहती है. उन्होंने कहा कि ईडी को सबसे पहले अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

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शराब सिर्फ झारखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़ में बेची जाती है?

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने पूछा, ‘क्या ईडी पूरे देश में इसी तरह की छापेमारी कर रही है या फिर शराब केवल झारखंड, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में बेची जाती है?’ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राजेश ठाकुर ने जानना चाहा कि क्या बीजेपी शासित राज्यों में कोई घोटाला नहीं हुआ है?

झारखंड में 32 ठिकानों पर ईडी ने मारे हैं छापे

केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने झारखंड की राजधानी रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गोड्डा और हजारीबाग जिलों में लगभग 32 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि डॉ रामेश्वर उरांव और उनके पुत्र रोहित उरांव एक ही घर में रहते हैं. वहां छापेमारी की गई.

ईडी ने कहा- पीएमएलए के तहत हो रही है कार्रवाई

उन्होंने कहा कि कुछ शराब कारोबारियों के व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर भी छापेमारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा जांच धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है. झारखंड मंत्रिमंडल में वित्त, योजना और वाणिज्यिक कर मंत्री 76 वर्षीय डॉ रामेश्वर उरांव लोहरदगा (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं.

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1972 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं डॉ रामेश्वर उरांव

1972 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ रामेश्वर उरांव पूर्व में, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं. राजेश ठाकुर ने 15 अगस्त को भी सवाल पूछा था, जब ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन भेजा था.

हेमंत सोरेन को समन पर राजेश ठाकुर ने पूछे थे सवाल

ईडी ने सोरेन को यहां 14 अगस्त को एजेंसी के कार्यालय में उपस्थित होने और पीएमएलए के तहत उनका बयान दर्ज करने के लिए उन्हें नोटिस भेजा था, लेकिन सोरेन नहीं जा सके थे. राजेश ठाकुर ने कहा, ‘ईडी इतनी जल्दी में था कि उसने मुख्यमंत्री को समन भेजने के लिए स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले, 14 अगस्त की तारीख को चुना.’

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हेमंत सोरेन ने ईडी को लिखी थी चिट्ठी

हेमंत सोरेन ने ईडी को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि केंद्र में राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं रखने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री सोरेन ने अपनी संपत्ति को वैध बताते हुए ईडी से समन वापस लेने के लिए कहा है. बताया जा रहा है कि हेमंत सोरेन कानूनी सलाह ले रहे हैं और वह ईडी से कानूनी तरीके से निबटेंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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