रांचीः ग्रामीण विकास विभाग में आउटसोर्स पर कार्यरत कंप्यूटर सहायकों और विभिन्न तरह के काम करने वाले एमटीएस कर्मियों के मानदेय व आवश्यकता की समीक्षा करायी जाएगी. इसके लिए विभाग ने मनरेगा आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है. कमेटी में रांची और लोहरदगा के उपविकास आयुक्तों के अलावा विभागीय पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है. कमेटी को आउटसोर्स कर्मियों का डाटा तैयार कराने की जिम्मेवारी दी गयी है. समिति आकलन करेगी कि इन कर्मियों की वास्तविक जरूरत कितनी है और इन्हें आगे किस स्वरूप में सेवा में रखा जाए. कर्मियों की संख्या, उपयोगिता और मानदेय के आधार पर कमेटी अपनी अनुशंसा विभाग को सौंपेगी.
ये भी पढ़ें- झारखंड JPSC-JSSC Protest : JSSC सचिव के घर पर रेड, CID की टीम कर रही पूछताछ
क्या काम करते हैं कंप्यूटर सहायक और एमटीएस कर्मी
फिलहाल कंप्यूटर सहायक प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक विभागीय योजनाओं के आंकड़ों को ऑनलाइन करने, संबंधित पोर्टल पर रिपोर्ट तैयार करने, लाभुकों का डाटा तैयार करने और विभिन्न योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग का काम कर रहे हैं. वहीं एमटीएस कर्मी कार्यालयों में दैनिक कामकाज का संचालन करते हैं. विभाग के प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के कार्यालयों में अधिकांश काम ऑनलाइन हो रहे हैं. डाटा आधारित कार्य भी लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में कंप्यूटर सहायकों की जरूरत बनी हुई है.
रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक संख्या
सभी प्रखंडों और जिलों से आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित रिपोर्ट आने के बाद उनकी वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी. फिलहाल विभाग यह आकलन करा रहा है कि कितने कर्मी कार्यरत हैं. संख्या और आवश्यकता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. आउटसोर्स कर्मी लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं. मानदेय में वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर कर्मियों ने विधानसभा के समक्ष आंदोलन भी किया था. इसके बाद विभाग ने इस दिशा में समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की है.
