पश्चिमी विक्षोभ और दित्वा चक्रवात का झारखंड में दिखेगा असर, 3 दिसंबर से सतायेगी शीतलहर

Cold Wave Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है. अगले 36 घंटों में रांची के न्यूनतम तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिसकी वजह से शीतलहर जैसी स्थिति देखी जा सकती है.

Cold Wave Jharkhand: झारखंड में जल्द शीतलहर दस्तक दे सकती है. 3 दिसंबर से कोल्ड वेव का एक और दौर शुरू हो सकता है. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है. मौसम विभाग का कहना है कि झारखंड के न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आने की संभावना है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया है कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ, पूर्वी हवा और चक्रवाती प्रणाली ‘दित्वा’ के प्रभाव के कारण बादल छाये रहने से झारखंड में पिछले कुछ दिनों से ठंड से आंशिक राहत मिल रही है.

झारखंड के अधिकतर जिलों का तापमान 10 डिग्री से अधिक

झारखंड के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज रिकॉर्ड किया गया. सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 10.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट आने की संभावना

झारखंड की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है. अगले 36 घंटों में रांची के न्यूनतम तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिसकी वजह से शीतलहर जैसी स्थिति देखी जा सकती है.

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Cold Wave Jharkhand: डालटनगंज का न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री

डालटनगंज में न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस और जमशेदपुर में 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 12 घंटों में उत्तर-पश्चिमी हिस्से में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आयेगी और राज्य के बाकी हिस्सों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.

हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ, पूर्वी हवा और चक्रवात ‘दित्वा’ के प्रभाव सहित विभिन्न कारणों से झारखंड में न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई है. अगले 12 घंटों के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है. इसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवा के प्रवाह से राज्य के तापमान में गिरावट आयेगी.

अभिषेक आनंद, उप निदेशक, रांची मौसम विज्ञान केंद्र

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By Mithilesh Jha

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