Ranchi news अब धूप भी नहीं दिला रही है गर्मी का अहसास, ठंड बढ़ी

झारखंड का कश्मीर के नाम से विख्यात मैक्लुस्कीगंज में ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. बारिश के बाद बादल हटते ही ठंड तेजी से बढ़ रही है.

सर्द हवाओं ने सुबह और शाम के तापमान में लायी गिरावट

मैक्लुस्कीगंज. झारखंड का कश्मीर के नाम से विख्यात मैक्लुस्कीगंज में ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. बारिश के बाद बादल हटते ही ठंड तेजी से बढ़ रही है. शनिवार को धूप खिली लेकिन ठंडी हवाओं ने धूप को बेअसर कर दिया. लोगों को धूप में भी गर्मी का अहसास नहीं हो रहा था. सुबह 10 बजे के बाद लोग लगातार धूप में बैठकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं. मैक्लुस्कीगंज के कई जगहों पर अलग-अलग तापमान रिकॉर्ड किया गया है. शनिवार की सुबह लगभग 6:15 बजे मैक्लुस्कीगंज लपरा निवासी एंग्लो समुदाय के नेल्सन पॉल बॉबी गॉर्डन के घर में लगे तापमान मापक यंत्र से न्यूनतम तापमान लगभग 4.5 डिग्री वहीं, मैक्लुस्कीगंज के जोभिया निवासी दीपक राणा जंग बहादुर के राणा कंट्री कॉटेज परिसर में 3.6 डिग्री और लपरा विकास नगर लिटिल स्टार एकेडमी परिसर में 2.5 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया. इधर, कड़कड़ाती ठंड में मैक्लुस्कीगंज में सुबह भ्रमण पर निकले लोगों को अद्भुत नजारा देखने को मिला, खेत खलिहानों पर ओस की जमी बूंदे साफ-साफ देखने को मिल रहा था. ओस की जमी बूंदे श्वेत चादर सा प्रतीत हो रहा था.

17 दिसंबर से अधिक तेजी से बढ़ेगी ठंड

सुबह व संध्या में शीतलहरी से कनकनी बढ़ने से ठिठुरन बढ़ी गयी है. वहीं दिन में कुछ देर के लिए धूप से लोगों ने राहत महसूस किया. आमजन अपने कार्यों को जल्द निबटाने में व्यस्त दिखे. ठंड के प्रकोप से बचने के लिए आमजन अलाव का सहारा लेते नजर आये. स्वेटर, टोपी व मफलर से ढंके देखे गये. मालूम हो कि मैक्लुस्कीगंज में ठंड का प्रकोप पिछले पांच दिनों से बढ़ा हुआ है. ठंड बढ़ने से बच्चे बुढ़ों के साथ साथ पालतू पशुओं में भी असर देखने को मिल रहा है. प्रबुद्धजनों ने स्थानीय प्रशासन से जगह जगह अलाव की व्यवस्था कर कंबल वितरण की मांग की है.

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