कोरोना इफेक्ट: पहले हर दिन 55 हजार किलो बिकता था मुर्गा, अब घट कर हुआ 17 हजार किलो

कोरोना वायरस का मुर्गा और अंडा बाजार पर बुरा असर पड़ा है. रांची और आसपास के इलाके ( बुंडू, तमाड़़, बेड़ो, मांडर, खूंटी, तोरपा आदि) में मुर्गा की बिक्री में 70 प्रतिशत और अंडा की बिक्री में 80 प्रतिशत की गिरावट आ गयी है.

रांची : कोरोना वायरस का मुर्गा और अंडा बाजार पर बुरा असर पड़ा है. रांची और आसपास के इलाके ( बुंडू, तमाड़़, बेड़ो, मांडर, खूंटी, तोरपा आदि) में मुर्गा की बिक्री में 70 प्रतिशत और अंडा की बिक्री में 80 प्रतिशत की गिरावट आ गयी है. इससे विक्रेता परेशान हैं. पहले जहां मुर्गा की बिक्री हर दिन लगभग 55,000 किलो होती थी, वहीं वर्तमान सिर्फ 17,000 किलो हो रही है. हाल यह है कि देसी अंडा और बतख के अंडा की बिक्री पूरी तरह से खत्म हो गयी है. कई लोग डर से इसका सेवन नहीं कर रहे हैं. केडी सिंह पॉल्ट्रीज के जीएम (सेल्स एंड परचेज) संतोष कुमार मांझी और जोहार चिकन के प्रोपराइटर सौरभ बनर्जी ने कहा कि वर्तमान में बिक्री 70 से 80 प्रतिशत घट गयी है. बिक्री पूरी तरह से ठप हो गयी है.

23 लाख की जगह पांच लाख अंडा की बिक्री : पहले जहां रांची और आसपास के इलाके में रोजाना औसतन 23 लाख अंडा की खपत होती थी. वहीं वर्तमान में इसकी बिक्री घट कर लगभग पांच लाख हो गयी है. 10 दिन पहले एक ट्रे अंडा की कीमत 175 रुपये थी. आज इसकी कीमत घट कर 130 रुपये प्रति ट्रे हो गयी है. खुदरा बाजार में मुर्गा 120 रुपये प्रति किलो मिल रहा है, जबकि थोक बाजार में इसकी कीमत 50 रुपये प्रति किलो है. वहीं देसी मुर्गा खुदरा बाजार में 350 रुपये प्रति किलो मिल रहा है.

चूजा से 32 से 35 दिन में तैयार होता है मुर्गा : चूजा से मुर्गा तैयार होने में लगभग 32 से 35 दिनों का समय लगता है. तब इसका वजन लगभग 1.5 से दो किलो का होता है. एक मुर्गा एक दिन मेें लगभग 200 ग्राम दाना खाता है. वर्तमान में दाना की कीमत 40 रुपये प्रति किलो है. विक्रेताओं का कहना है कि हर दिन मुर्गा बड़ी संख्या में तैयार हो रहा है, लेकिन बिक्री नहीं होने से परेशानी बढ़ गयी है.

कालमेघ, अमृता, नीम व तुलसी का सेवन करें : इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर लोगों में खौफ है. इंटीग्रेटेड मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि हमारे राज्य में ऐसी जड़ी-बूटी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, जो गंभीर व जटिल वायरस से बचाने में सक्षम है. कालमेध, अमृता, नीम व तुलसी का क्वाथ (काढ़ा) प्रतिदिन लेने से कोराेना वायरस से बचा जा सकता है. डॉ अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल साइंस द्वारा कालमेघ व अमृता पर शोध किया गया है, जिसमें इससे लाभ मिलने की पुष्टि भी हुई है. कालमेध, अमृता, नीम व तुलसी कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को भी लाभ पहुंचा सकता है.

आर्सेनिक 30 का ज्यादा नहीं करें उपयोग : काेरोना वायरस में आर्सेनिक 30 दवा कारगर है, इससे संबंधित खबर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. होमियोपैथिक दवा दुकान से लोगों को यह दवा खरीदते देखा जा रहा है, लेकिन बिना लक्षण के इस दवा के उपयोग से परेशानी बढ़ सकती है. होमियोपैथिक विशेषज्ञ डॉ यूएस वर्मा ने बताया कि आर्सेनिक दवा का उपयोग वैसे लोगों को करना चाहिए, जिनको सर्दी-खांसी के साथ बार-बार प्यास लगने की समस्या हो.

कोरोना से 70% भारतीय सुरक्षित योग व जड़ी-बूटी का इस्तेमाल करें : भारत की 70 फीसदी आबादी कोरोना वायरस से सुरक्षित है. लोग हाइजीन का ध्यान रखें और विदेश से आ रहे परिजनों, एनआरआइ व पर्यटकों के संपर्क के संपर्क में आने से बचें. पांच योगासन और जड़ी-बूटी का इस्तेमाल कर कोरोना वायरस से बचा जा सकता है.

होली का पर्व लोग उमंग के साथ मनायें, हुड़दंग से बचें: उक्त बातें शनिवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही. बाबा रामदेव नामकुम स्थित आचार्यकुलम स्कूल के समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए राष्ट्रवाद के विचार से सीख लेते हुए देश को आगे बढ़ाने की बात कही. विद्याभ्यास के साथ योगाभ्यास को जरूरी बताया. वहीं अभिभावकों को बच्चों के विकास के लिए तीन जरूरी बातों की जानकारी दी.

ठंड में बढ़ रहा कोरोना : बाबा रामदेव ने कहा कि कोरोना वायरस को ठंड के वातावरण में फैलने का मौका मिलता है. इससे बचने के लिए भ्रष्टिका, कपालभाति, अनुलोम विलोम और भ्रामिका आसन करें. साथ ही नियमित रूप से गिलोय, तुलसी, अदरक व हल्दी का काढ़ा लें.

जरूरत पड़ने पर चाइना भी जायेंगे : बाबा रामदेव ने बताया कि कोरोना वायरस चाइना, जापान, कोरिया, इटली, थाइलैंड, मलेशिया आदि देशों में तेजी से फैल रहा है. जरूरत पड़ने पर चाइना जाकर लोगों को योगा के आसन और अन्य जरूरी उपाय बता कर कोरोना से ठीक करने की कोशिश करेंगे.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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