Ranchi News : ख्रीस्त हमारे राजा, हमारी आशा

मसीही विश्वासियों ने रविवार को क्राइस्ट द किंग (ख्रीस्त राजा) का पर्व मनाया.

विश्वास का उत्सव. संत मरिया महागिरजाघर से लोयला मैदान तक निकली ख्रीस्त राजा की शोभायात्रा

आर्चबिशप विसेंट आईंद के नेतृत्व में 30 से अधिक समूहों की भागीदारी

पवित्र सक्रामेंट के साथ परियों की टोली, क्रूसवीर बच्चे के साथ ख्रीस्त महिमा का प्रदर्शन

रांची. मसीही विश्वासियों ने रविवार को क्राइस्ट द किंग (ख्रीस्त राजा) का पर्व मनाया. इस अवसर पर यीशु मसीह को राजा के रूप में मानते हुए जयकारे के साथ शोभायात्रा निकाली गयी. गौरतलब है कि पोप पायस 11वें ने 1925 में इस पर्व को मनाने की शुरुआत की थी. आज दुनिया भर में कैथोलिक विश्वासी इस पर्व को मनाते हैं. रांची में रविवार को ख्रीस्त राजा की शोभायात्रा पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजाघर से दिन के एक बजे निकाली गयी. शोभायात्रा का नेतृत्व रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विसेंट आईंद कर रहे थे. वे अपने हाथों में पवित्र सक्रामेंत थामे हुए थे. उनके साथ वीकर जेनरल और संत मरिया महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड और सोसायटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर अजीत खेस एक सुसज्जित वाहन पर सवार थे.

ख्रीस्त राजा पर्व का मर्म समझाया

शोभायात्रा के बाद लोयला मैदान में आयोजित धर्मविधि के दौरान अपने उपदेश में आर्चबिशप ने ख्रीस्त को राजा के रूप में माने जाने का मर्म समझाया. आर्चबिशप ने कहा कि हम शोभायात्रा के माध्यम से अपना विश्वास प्रकट कर रहे हैं. हमारे विश्वास में यीशु हमारे राजा है, हमारे ईश्वर है, हमारे मुक्तिदाता है. कई लोग यीशु को राजा के रूप में मानने पर सवाल उठाते हैं. यह सवाल यीशु के जीवनकाल में भी उठा था. राजा हेरोद के दरबार में, गवर्नर पिलातुस के समक्ष, क्रूस मृत्यु के लिए यीशु को ले जाते समय और क्रूस मृत्यु के समय भी. क्रूस पर यीशु के अगल-बगल दो डाकू को भी टांगा गया था. एक डाकू यीशु का उपहास उड़ाता है जबकि दूसरा उनको ईश्वर और राजा के रूप में पहचानता है, उनपर विश्वास करता है. इसी विश्वास की वजह से वह स्वर्ग राज्य में पहुंचता है. हम सभी यीशु पर विश्वास करते हैं और यहीं विश्वास, यहीं आशा हमें स्वर्ग राज्य में प्रवेश दिलायेगा.

शोभायात्रा में 30 से ज्यादा समूह हुए शामिल

शोभायात्रा में 30 से ज्यादा समूह शामिल हुए थे. सबसे आगे क्रूसवीर बच्चे, हाथों में क्रूस और कैंडल लेकर चल रहे थे. उसके बाद सफेद वस्त्र और पंखों के साथ परियों के रूप में बच्चियां चल रही थीं. महिला संघ झंडों के साथ थीं. आर्चबिशप विसेंट आईंद, फादर अजीत खेस और फादर आनंद डेविड एक सुसज्जित वाहन पर सवार थे. इसके बाद विभिन्न शिक्षण संस्थानों और टोला मोहल्ला के विश्वासी कतारबद्ध होकर चल रहे थे. विश्वासी अनुशासित ढंग से मसीह की स्तुतिगान के साथ चल रहे थे. इस दौरान ख्रीस्त की स्तुति करो…, वह प्यारा प्रभु है हमारा, जीवन बसर यीशु होके हमर, सृष्टि है तेरी कविता, ख्रीस्त ही राजा ख्रीस्त विजेता, राजाओं का राजा यीशु जैसे कई गीत प्रस्तुत किये गये.

पुरुलिया रोड में ख्रीस्त राजा के लगे थे कटआउट

पुरुलिया रोड में विभिन्न शिक्षण संस्थानों और धर्मसमाज के संस्थानों के समक्ष ख्रीस्त राजा के विशाल कटआउट लगे हुए थे. इन कटआउट की भव्यता देखते ही बन रही थी. इनमें यीशु मसीह को एक राजा के रूप में सिंहासन पर बैठे दिखाया गया था. पुरुलिया रोड को चमकीली पन्नियों से सजाया गया था. यह शोभायात्रा संत मरिया महागिरजाघर से निकलकर सर्जना चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, ओल्ड हजारीबाग रोड, प्लाजा चौक, लालपुर चौक, डंगराटोली चौक होते हुए लोयला मैदान में आकर प्रार्थना सभा में तब्दील हो गयी.

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