पोषण वाटिका से बच्चे खा रहे पौष्टिक भोजन, सीख रहे हैं बागवानी का हुनर

खलारी प्रखंड के सरकारी स्कूलों में पोषण वाटिका परियोजना ने बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा में नयी क्रांति ला दी है.

खलारी. खलारी प्रखंड के सरकारी स्कूलों में पोषण वाटिका परियोजना ने बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा में नयी क्रांति ला दी है. स्कूल के कैंपस में उगाई जा रही साग-सब्जियों और फलों का उपयोग मध्याह्न भोजन में किया जा रहा है, जिससे बच्चों को विटामिन, प्रोटीन, और आयरन से भरपूर ताजा जैविक उपज मिल रहा है. उल्लेखनीय है कि खलारी प्रखंड अंतगर्त पोषण वाटिका केवल प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में आयोजित करना है. प्राथमिक और माध्यमिक मिलाकर कुल 50 स्कूलों में से मात्र 16 स्कूलों में पोषण वाटिका आयोजित की गयी, जहां भूमि और बाउंड्री उपलब्ध थी. हालांकि विभागीय आदेशानुसार नये साल जनवरी माह की शुरुआत से ही बाकी के सभी 32 प्राथमिक और 18 मिडिल स्कूलों में पोषण वाटिका चलायी जायेगी. साथ ही जहां भूमि, पानी और बाउंड्री का अभाव है, उन स्कूलों में गमला में सम्भवतः साग-सब्जियां लगाने का आदेश दिया गया है. ऐसे में प्राथमिक और मिडिल स्कूल की कक्षा एक से आठ वर्ग के छात्र-छात्राएं और शिक्षक के टीमवर्क से पोषण वाटिका का सफल आयोजन चल रहा है. स्कूलों में बच्चे और शिक्षक मिल कर लौकी, पालक, मेथी, चना साग, मूली, धनिया पत्ता, लहसुन, प्याज, टोटी, कटहल, टमाटर, बोदी, फ्रेंचबिन जैसी सब्जियां उगा रहे हैं.

मध्याह्न भोजन में ताजी सब्जियों से बढ़ी पौष्टिकता

मध्याह्न भोजन में ताजी सब्जियों के उपयोग से बच्चों की सेहत में सुधार तो होगा ही साथ ही व्यावहारिक ज्ञान से स्कूली बच्चे बागवानी सीखने के साथ-साथ खेती और पोषण के महत्व को समझ रहे हैं. पोषण वाटिका से जैविक खेती, जल संरक्षण, और हरित परिसर का संदेश के साथ स्वच्छ पर्यावरण का भी लाभ पहुंच रहा है.

क्या कह रहे हैं सरकारी स्कूल के बच्चें

सरकार की इस परियोजना का उद्देश्य बाल कुपोषण को कम करना और बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित करना है. ऐसे में पीएमश्री राजकीय मध्य विद्यालय खलारी के छात्रा साक्षी कुमारी, अंजलि कुमारी, कृति कुमारी, कंचन कुमारी, परिधि कुमारी ने कहा कि हम साब्जियां खुद उगाती हैं, खुद खाती हैं. स्वाद और सेहत दोनों बढ़िया है.

बच्चों में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण प्रेम बढ़ रहा : प्रधानाचार्य

पोषण वाटिका शिक्षकों का एक सफल प्रयास है, जिससे बच्चों में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण प्रेम बढ़ रहा है. उक्त बातें पीएम श्री राजकीय मध्य विद्यालय खलारी के प्रधानाचार्य उत्तरा कुमार ने कही. प्रधानाचार्य ने कहा कि पोषण वाटिका सरकारी योजनाओं का सार्थक उपयोग है. उन्होंने अपील की कि अन्य स्कूल भी इस मॉडल को अपनायें, बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनायें.

स्लग :::: पहल. प्रावि व मवि में बच्चे और शिक्षक मिल कर उगा रहे हैं ताजी सब्जियां

50 स्कूलों में से मात्र 16 स्कूलों में पोषण वाटिका चलायी जा रही

32 प्राथमिक और 18 मिडिल स्कूलों में पोषण वाटिका चलायी जायेगी

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Author: DINESH PANDEY

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