सिल्ली में गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, 3 साल बाद CHC में दोबारा शुरू हुई सिजेरियन सुविधा

सिल्ली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव की सुविधा फिर से शुरू हो गई है। अब ग्रामीणों को निजी अस्पतालों के महंगे खर्च से राहत मिलेगी।

सिल्ली: सिल्ली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शुक्रवार से तीन साल बाद सिजेरियन प्रसव की सुविधा दोबारा शुरू हो गयी. सीएस डॉ अमरेंद्र कुमार और प्रभारी चिकित्सक डॉ संगीता बड़ाइक की देखरेख में दोबाड़ू गांव की मनीषा कुमारी का सफल सिजेरियन प्रसव कराया गया. मनीषा ने बच्ची को जन्म दिया.

तीन साल से बंद थी सिजेरियन की सुविधा

सिल्ली सीएचसी में वर्ष 2023 से सिजेरियन प्रसव की सुविधा बंद थी. इसके कारण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. सेवा दोबारा शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. अब सिजेरियन प्रसव के लिए निजी अस्पतालों में अधिक खर्च करने की मजबूरी कम होगी.

पहली सर्जरी में स्वास्थ्यकर्मियों ने किया सहयोग

मनीषा के सिजेरियन प्रसव के दौरान डॉ अतिरंजन कुमार, बबिता कुमारी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सहयोग किया. सफल ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में सिजेरियन सेवा बहाल होने को महत्वपूर्ण कदम बताया है.

प्रभारी चिकित्सक डॉ संगीता बड़ाइक ने बताया कि फिलहाल प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार को सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध रहेगी. बाद में इसे नियमित करने की योजना है.

पतराहातु के छह बेड वाले PHC भवन का निरीक्षण

इधर, सीएस डॉ अमरेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को पतराहातु में नवनिर्मित छह बेड वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भवन का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे जल्द शुरू किया जाएगा.

सीएस ने स्वास्थ्य टीम को आवश्यक उपकरण लगाने और जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान मारुति नंदन चक्रवर्ती समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

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By Vishnu Giri

मैं मई 1998 से प्रभात खबर में पत्रकारिता कर रहा हूं. सबसे पहले मैने सिटी ऑफिस में फोटो पत्रकारिता से शुरुआत की. तीन सालों तक करने के बाद मैं सिल्ली से खबरें लिखने लगा. इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र की हर प्रकार की खबरें लिखी. नियमित रूटीन खबरों के अलावे क्षेत्र की समस्याओं की खबरें, ग्रामीण प्रतिभा पर स्टोरी सहित जनसरोकार की पत्रकारिता से पहचान बनाई. इलाके में सामाजिक कुरीतियों, जाति पाति के भेदभावों वाले समाजिक बुराइयों पर भी स्टोरी किए. अभी करीब दो साल पहले प्रभात खबर ने में छपी एक छुआछूत एवं जाति पाति के भेदभाव की खबर को झारखंड, विहार एवं बंगाल में सर्वश्रेष्ठ स्टोरी का भी सम्मान मिला है. नियमित पत्रकारिता के साथ समय निकालकर शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी बनाया करता हूं. मेरी बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म " माटी के सपूत" को 61 वें राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई थी. अपने केटेगरी की सूची में फिल्म 89 वें नंबर पर रही थी. मैने इग्नू से पत्रकारिता, रेडियो प्रसारण डिप्लोमा एवं मारवाड़ी कालेज से फिल्म निर्माण में का भी डिप्लोमा का कोर्स किया है.

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