संत रविदास की मनी जयंती
संत रविदास को एक जाति के चश्मे से देखने वाले लोग देश को विश्व गुरु बनाने में बाधक
प्रतिनिधि, डकरा़
14-15वीं शताब्दी में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के भक्ति आंदोलन के महान संत थे. उन्होंने 600 साल पहले यह ज्ञान दिया था कि जातिगत आधार पर समाज का वर्गीकरण करके देश को विश्व गुरु नहीं बनाया जा सकता है. यह संदेश आज भी उतना ही प्रासांगिक है. जिसे समझने और अपनाने की आवश्यकता है.उक्त बातें रांची जिला परिषद अभियंता गुप्तेश्वर राम ने रविवार को डकरा आंबेडकर पार्क में आयोजित संत रविदास जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि कही. उन्होंने कहा कि संत रविदास को एक जाति के चश्मे से देखने वाला वर्ग देश का शुभचिंतक नहीं हो सकता है. उनकी कृतियों को अपनाकर सिख समाज पूरी दुनियां में अपने संपन्नता और देशभक्ति के लिए जाने जाते हैं. विशिष्ट अतिथि खलारी थाना के पुलिस के शंकर राम, मिथिलेश पासवान, अमरलाल सतनामी, देवपाल मुंडा, उपेंद्र कुमार आर्य ने भी संबोधित किया. इसके पहले गुप्तेश्वर राम ने संत रविदास और बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. कार्यक्रम स्थल पर मंच पर न बैठकर लोगों के साथ जमीन पर बैठकर सभी से बातचीत की. कहा कि जिनकी जयंती मनायी जा रही है, वह समानता का संदेश देकर गये हैं. समारोह स्थल पर पूजा-पाठ गढ़वा मेराल से आये भक्त रामकुंवर बौद्ध ने कराया. जयंती समारोह में महिलाओं को बोलने का मौका दिया गया. संचालन और धन्यवाद ज्ञापन नारद राम ने किया. इस अवसर पर कन्हाई पासी, लाल मुनी दास, रामपरीखा राम, रामदेव राम, दिलीप पासवान, रामजतन राम, महेंद्र राम, जगदीश गंझू, परमेश्वर राम, धनेश्वर दास, रामजीत राम, मदन राम, गौतम कुमार, दिलीप गंझू, रामसूरत यादव, रामेश्वर शर्मा, अनिल कुमार, सुरेंद्र राम, वीरेंद्र कुमार राम, कार्तिक कुमार, फूलेंद्र कुमार, अर्जुन राम, बिंदेश्वरी राम, पवन कुमार, प्रवेश राम, महेश प्रसाद, देवंती देवी, लक्ष्मी देवी, माया भारती, ज्ञानती कुमारी, सूरज कुमार , मृत्युंजय कुमार, संजीत कुमार, लाल बहादुर सिंह, राजदेव राम, टिला महतो, संजय राम, रोहित कुमार, अजय पासवान, दिलीप कुमार, गौतम आदि मौजूद थे.
संत रविदास को एक जाति के चश्मे से देखने वाले लोग देश को विश्व गुरु बनाने में बाधक
01 डकरा 01, डकरा आंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शामिल लोग.